जयपुर : प्रदेश की गहलोत सरकार ने ऑर्गेनाइज्ड क्राइम (संगठित अपराध) की रोकथाम के लिए कानून बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गृह और पुलिस विभाग के आला अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्लान्ड और ऑर्गेनाइज्ड क्राइम की प्रभावी रोकथाम के लिए आगामी विधानसभा सत्र में कानून लाने की तैयारी करें। उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों के अवैध करोबार समेत संगठित अपराधों से नई पीढ़ी को बड़ा खतरा है। इसलिए कानून बनाकर सख्त कार्रवाई करना जरूरी है। उन्होंने SOG की हेल्पलाइन भी जल्द बनाने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि नेशनल हाईवे पर मादक पदार्थों की बिक्री, तस्करी, ट्रांसपोर्टेशन पर भी सख्त कार्रवाई की जाए।
सीएम गहलोत ने अवैध हथियारों की रोकथाम के लिए आर्म्स डीलर के स्टॉक की प्रभावी मॉनिटरिंग और कारतूसों की अवैध बिक्री पर निगरानी रखने को कहा। सीएम गहलोत ने कहा कि कुछ मामलों में देखा गया है कि अपराध या वारदात होने पर सही सूचनाएं नहीं मिल पाईं। अधिकारी निचले लेवल तक ऐसा सिस्टम डवलप करें, जिससे घटनाओं की सही जानकारी वक्त पर मिल सके। पीड़ित को इंसाफ दिलाने की दिशा में तुरंत कार्रवाई की जा सके। भ्रम की स्थिति पैदा नहीं हो।
जीरो टोलरेंस नीति का इम्प्लीमेन्ट करना एसपी का जिम्मा
सीएम गहलोत ने सभी जिलों के एसपी और आईजी समेत गृह और पुलिस विभाग के सीनियर अफसरों के साथ वीसी से लॉ एंड ऑर्डर की रिव्यू बैठक ली। उन्होंने सभी जिला एसपी से कहा कानून का इकबाल कायम करना उनकी जिम्मेदारी है। अपराधों पर प्रभावी रोकथाम लगाने और पीड़ितों को जल्द न्याय दिलाने के लिए वो अपनी ड्यूटी पूरी निष्ठा और समर्पण से करें। सरकार की क्राइम के लिए जीरो टोलरेंस की नीति है। इसका इम्प्लीमेन्ट करना एसपी का जिम्मा है।
संवेदनशीलता के साथ सुनवाई हो
इसके साथ ही सीएम गहलोत ने कहा किसी भी प्रदेश में विकास और निवेश की स्थिति वहां की कानून-व्यवस्था पर निर्भर करती है। पुलिस की साफ और निष्पक्ष छवि भी पेश होनी चाहिए। पुलिस थानों में आने वाले फरियादियों की संवेदनशीलता के साथ सुनवाई होनी चाहिए। जिससे आम लोगों में पुलिस के लिए विश्वास मजबूत हो। गहलोत ने कहा थानाधिकारी परिवादियों से आसानी से मिलें।
सर्किल, सेक्टर और जिला लेवल तक सुपरवाइजरी पुलिस अधिकारी भी सुनवाई का काम गम्भीरता से करें। ऐसी कोशिश रहे परिवादी को मुख्यमंत्री कार्यालय या ऊपरी लेवल तक नहीं आना पड़े। बैठक में संगठित अपराध, अवैध हथियार, मादक पदार्थ, शराब तस्करी जैसे सब्जेक्ट्स पर प्रेजेंटेशन दिया गया। गृह राज्य मंत्री राजेन्द्र सिंह यादव, मुख्य सचिव, एसीएस होम और सेक्रेटरी होम, डीजीपी, एडीजी लेवल के कई अफसर रिव्यू बैठक में मौजूद रहे।
