अजमेर: सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के विश्व प्रसिद्ध दरगाह अजमेर शरीफ का उर्स आगामी 2 फरवरी से शुरू हो रहा है और कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर ने सरकार व अजमेर प्रशासन की नींद उडा दी है की उर्स मे कैसे भीड को नियंत्रित की जाए। इसके प्रयास जारी है और अजमेर प्रशासन सीएम गहलोत को पत्र लिखकर इस बार भी कोरोना को मद्देनजर पाक जायरीनो के जत्थे को जियारत के लिए मंजूरी नही देने का आग्रह करने जा रहा है और संभवतया सरकार पाक जायरीन जत्थे को इजाजत नही देगी।
विश्व प्रसिद्ध गरीब नवाज के सालाना उर्स में देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी जायरीन अजमेर दरगाह में शिरकत करने पहुंचते हैं। गरीब नवाज का 810 वां सालाना उर्स 2 फरवरी से शुरू होगा जो 10 दिनों तक चलेगा।
कोरोना का बढ़ता दायरा अब अजमेर जिला प्रशासन की मुसीबतें बढ़ा रहा है। यही कारण है कि जिला प्रशासन ने उर्स को लेकर दरगाह कमेटी और खादिम संस्थाओं के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। इस बैठक में कलेक्टर प्रकाश राजपुरोहित ने दरगाह कमेटी व खादिम संस्थाओं के पदाधिकारियों से अपील की कि बाहर से आने वाले जायरीनों को उर्स में शामिल नहीं होने के लिए समझाएं ओर उन्हें यह बताने की कोशिश करें कि उनकी जो भी मुरादें हैं वे अपने घर पर रहकर ही दुआ करके पहुंचाएं। वहीं जिला प्रशासन ने कहा कि पाकिस्तान से आने वाले जायरीन जत्थे को भी उर्स में शामिल होने की इजाजत नहीं देने के लिए राज्य सरकार को पत्र लिखेंगे।
