जयपुर : नगर निगम हेरिटेज क्षेत्र के 100 वार्डो में शनिवार डोर टू डोर कचरा कलेक्शन की गाड़ियां फिलहाल कुछ दिनों के लिए नहीं आएगी। नगर निगम प्रशासन ने डोर टू डोर कचरा कलेक्शन करने वाली फर्म बीवीजी को टर्मिनेट कर दिया है। काम में लापरवाही बरतने और टेण्डर शर्तो की पालना नहीं करने के कारण निगम प्रशासन ने यह कदम उठाया है। वहीं निगम प्रशासन ने अब व्यवस्था अपने हाथ ले ली और कल से हर वार्ड में एक-एक हूपर भेजने का दावा कर रहे हैं।
नगर निगम हेरिटेज के आयुक्त अवधेश मीणा की ओर से आदेश जारी किए गए हैं। इसमें कहा गया है कि कंपनी ने टेंडर की शर्तों की पालना नहीं की। इसलिए कंपनी को टर्मिनेट किया गया है। इसके लिए नगर निगम ने 5 अलग-अलग बिंदुओं पर रिपोर्ट तैयार करने के बाद टर्मिनेट किया है। इससे पहले निगम प्रशासन ने कंपनी को 3 दिसंबर को नोटिस देकर काम सुधारने की चेतावनी दी थी। यह भी चेतावनी दी थी कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो कंपनी को टर्मिनेट कर दिया जाएगा। इसके बावजूद भी कंपनी की ओर से नियमों की पालना नहीं की, जिसके बाद कंपनी को टर्मिनेट कर दिया।
सफाई कर्मचारियों व अधिकारियों की छुटि्टयां रद्द
नगर निगम आयुक्त अवधेश मीणा ने बताया कि वर्तमान में नगर निगम के पास 100 हूपर उपलब्ध हैं और हर वार्ड में एक-एक हूपर लगाकर हम अपने स्तर पर डोर टू डोर कचरा कलेक्शन करवाएंगे। इसके अलावा 3-3 हूपर किराए पर चलाने के लिए टेण्डर किए हैं, जो 28 दिसंबर को खोले जाएंगे। इसके अलावा शहर में सफाई व्यवस्था को बनाए रखने के लिए सभी सफाई कर्मचारियों, जोन उपायुक्तों और सफाई से जुड़े अधिकारियों की छटि्टयां रद्द कर दी है। जोन वार सीएसआई और एसआई को कचरा उठाने के लिए एक-एक यूनिट दी गई है, जिसमें लोडर, डम्पर, ट्रैक्टर उपलब्ध करवाए गए हैं, जो ओपन डिपो से कचरा उठवाएंगे।
इन बिंदुओं के आधार पर किया टर्मिनेट
- कंपनी को मीट मार्केट, स्लॉटर हाउस, होटल, रेस्टोरेंट सभी कॉमर्शियल, इंस्टीट्यूशनल संस्थाओं, सब्जी मंडी, औद्योगिक इकाईयों से कचरा कलेक्शन करना था, लेकिन कंपनी ये काम नहीं कर रही थी।
- कंपनी को कचरा कलेक्शन करने वाली हर गाड़ी (हूपर) की रियल टाइम मॉनिटरिंग के लिए वीटीएस सिस्टम लगाना था, जो सभी गाड़ियों में नहीं लगा। जिन गाड़ियों में सिस्टम लगा उसे सही से अपडेट नहीं किया।
- सभी गाड़ियों के आरटीओ से संबंधित दस्तावेज जैसे पॉल्यूशन सर्टिफिकेट, फिटनेस सर्टिफिकेट, रोड टैक्स आदि डॉक्यूमेंट नगर निगम को जमा करवाने थे, जो कंपनी ने अब तक नहीं किए।
- कंपनी को शर्तो के मुताबिक घर-घर से सुबह 7 से दोपहर 12 बजे तक, जबकि व्यवसायिक संस्थाओं से सुबह 10 से दोपहर 1 बजे तक कचरा कलेक्शन करना था, लेकिन कंपनी के हूपर समय पर तो आना दूर वो 3-4 दिन के अंतराल में भी कचरा कलेक्शन के लिए नहीं पहुंच रहे थे। इसको लेकर हजारों शिकायतें पिछले कई महीनों में नगर निगम को मिल रही थीं।
- टेण्डर शर्तो में कंपनी को कचरे का सेग्रीकेशन (अलग-अलग करने) का काम करना था, लेकिन कंपनी की ओर से सूखा, गीला कचरा मिक्स करने के साथ-साथ बायोवेस्ट भी मिक्स होकर कचरा डंपिंग यार्ड पर जा रहा है।
