जयपुर: आदिवासी विकास परिषद के राष्ट्रीय सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने आज निजी क्षेत्र में आरक्षण की वकालत कर अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए यहां तक कह डाला कि सरकार को प्राइवेट सेक्टर में भी रिजर्वेशन लागू करना चाहिए। अगर सरकार ऐसा नहीं करती है तो हमें सरकार के खिलाफ प्राइवेट सेक्टर में आरक्षण लागू करने के लिए आंदोलन भी खड़ा करना चाहिए।
कुलस्ते ने कहा कि हमें आक्रामक रुख अपनाते हुए अपने नेताओं और राजनीतिक पार्टियों के खिलाफ आंदोलन करना चाहिए। तभी राजनीतिक पार्टियों के नेताओं के कान खुलेंगे। उन्होंने कहा कि अगर आरक्षण खत्म हो गया तो हमारे लोगों को कोई लाभ नहीं मिलेगा। इसलिए वक्त रहते हम सबको मिलकर आरक्षण के लिए लड़ाई लड़नी चाहिए। इसी के साथ ‘हमें पदोन्नति, बैकलॉग भरने की चिंता करनी चाहिए। उन्होंने वन क्षेत्र में जनजाति वर्ग को भू राजस्व अधिकार मिलने की बात उठाते हुए कहा कि आदिवासी वर्ग के लोगों को एक्टिव होकर काम करने की जरूरत है।
कुलस्ते ने कहा कि आदिवासी चुनाव में अपनी ताकत दिखाएं, जिससे राजनीतिक पार्टियों में संदेश जाएगी कि हमारे बिना आप की सरकार नहीं बनेगी। यह बात मुख्यमंत्री के जेहन में भी होनी चाहिए। उन्होंने कहा की आदिवासी एमपी-एमएलए सामूहिक रूप से एकजुट होकर अपनी ताकत दिखाएं। तब ही आदिवासियों की समस्या सदन में पहुंच पाएंगी और उसका समाधान हो पाएगा। सम्मेलन में 17 मांगों के प्रस्ताव को भी पारित किया गया।
सम्मेलन में सांसद अर्जुन लाल मीणा, पूर्व सांसद में राष्ट्रीय अध्यक्ष सोमजी भाई डामोर, पूर्व केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय महासचिव अरविंद नेताम, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवाजीराव मोघे, झारखंड की पूर्व मंत्री गीताश्री उरांव, आदिवासी विकास परिषद के प्रदेश कोषाध्यक्ष हनुमान सहाय सिरसी सहित देश भर के विभिन्न राज्यों से आए आदिवासी विकास परिषद के पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
