उदयपुर: CWC के सदस्य पूर्व सांसद रघुवीर सिंह मीणा ओल्ड सिटी एरिया में बुधवार को कार्यकर्ताओं के परिवार में हुई मृत्यु के चलते उनके निवास पर बैठक में पहुंचे। बैठक के बाद चांदपोल स्थित पिछोला स्वरूप सागर लिंक पुलिया पर निकलते समय जब झील की ओर नजर गई तो उन्होंने गाड़ी रोकने को कहा और झील के हालात को देखकर बहुत ही दुख व्यक्त किया। पूरी झील में गंदगी पड़ी हुई और काई जमी हुई थी। वहीं पास में घाट के कोने पर डिवाइडिंग मशीन काई एवं कचरा निकालने का काम कर रही थी। उसे देख पूर्व सांसद रघुवीर मीणा बोले कि यह मशीन एनएलसीपी कोटे 5 करोड़ रुपए की लागत से झीलों की सफाई के लिए खरीदी गई थी। एनएलसीपी कोटे से कांग्रेस के पूर्व मंत्री नमो नारायण मीणा द्वारा भारत सरकार द्वारा झीलों के विकास लिए 125 करोड़ रुपए का बजट जारी किया गया। पूर्व सांसद मीणा ने कहा कि नगर निगम और नगर विकास प्रन्यास ने उदयपुर की झीलों का स्वरूप को बिगाड़ दिया है। भाजपा के विधायक महापौर सांसद यूआईटी चेयरमैन जो भी उदयपुर में किसी पद पर आसीन रहे सभी ने मिलकर उदयपुर की बुरी दुर्दशा कर दी। शहर की झीलों का स्वरूप बिगाड़ दिया।
पूर्व सांसद मीणा ने तुरंत ही जिला कलेक्टर चेतन देवड़ा जी को फोन लगाया और कहा कि प्रशासन कभी झीलों की ओर अपनी आंखें खोल कर देखें। उदयपुर में इन जिलों को देखने के लिए देश-विदेश से पर्यटक आते हैं। विश्व विख्यात झील है उनकी दुर्दशा को ठीक करें जो भी एजेंसी नगर निगम हो या नगर विकास प्रन्यास इन कामों को देख रही है। उन्हें पाबंद किया जाए कि दोबारा इस तरह की दुर्दशा इन जिलों की देखने को ना मिले इस औचक निरीक्षण में पूर्व सांसद रघुवीर जी मीणा के साथ ए ब्लॉक अध्यक्ष फतेह सिंह राठौड़ देहात महामंत्री कौशल नागदा शहर महामंत्री दिनेश दवे पूर्व नेता प्रतिपक्ष मोहसिन खान अर्जुन मेनारिया और भी कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
