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वसूली के आरोपों के बाद समीर वानखेड़े को ड्रग्स केस से हटाया, संजय सिंह को मिली जांच

समीर वानखेड़े

मुंबई : आर्यन खान को जेल तक पहुंचाने वाले NCB के जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े को क्रूज ड्रग्स केस से हटा दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक, वसूली के आरोपों के बाद उन पर कार्रवाई की तलवार लटक रही थी। NCB के उच्च अधिकारी मामले की जांच भी कर रहे हैं। अब मुंबई एनसीबी इस मामले की जांच नहीं करने वाली है। ये वहीं केस है जिसमे शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान फंस गए थे। इसके अलावा नवाब मलिक के दामाद के खिलाफ भी जो मामला चल रहा है, उसकी जांच भी अब मुंबई जोन की एनसीबी नहीं करेगी। मुंबई जोन से आर्यन समेत 6 केस वापस लिए गए।

जानकारी के लिए बता दें कि मुंबई जोन के डायरेक्टर समीर वानखेड़े हैं। ऐसे में आर्यन खान और नवाब मलिक के दामाद वाले केस वापस जरूर लिए गए हैं, लेकिन मुंबई जोन के डायरेक्टर समीर ही रहने वाले हैं। कहा जा रहा है कि अब आर्यन खान और समीर खान वाले मामलों में एनसीबी की सेंट्रल टीम जांच कर सकती है।

ये भी जानकारी सामने आई है कि अब इन मामलों में समीर वानखेड़े जांच नहीं करेंगे, बल्कि एनसीबी अधिकारी संजय सिंह की अध्यक्षता में जांच को आगे बढ़ाया जाएगा। ऐसे में समीर वानखेड़े से ये हाई प्रोफाइल केस वापस ले लिए गए हैं। कहा जा रहा है कि आर्यन केस के दौरान समीर वानखेड़े पर कई तरह के गंभीर आरोप लगे हैं, एक गवाह ने वसूली वाली बात भी कह दी है। ऐसे में अभी के लिए उनसे ये मामले वापस ले लिए गए हैं और संजय सिंह इस जांच को आगे बढ़ाने वाले हैं।

8 करोड़ की रिश्वत लेने का आरोप

कथित प्राइवेट इन्वेस्टिगेटर और NCB के गवाह केपी गोसावी के बॉडीगार्ड प्रभाकर सैल ने एक हलफनामे में समीर वानखेड़े पर 8 करोड़ रुपए की रिश्वत लेने का आरोप लगाया था। प्रभाकर ने दावा किया कि गोसावी और किसी सैम डिसूजा को 18 करोड़ रुपए की बात करते सुना था और 18 करोड़ रुपए में डील तय हुई थी। गोसावी और सैम ने कथित तौर पर 18 में से 8 करोड़ रुपए NCB अधिकारी समीर वानखेड़े को देने की बात कही थी। प्रभाकर ने यह भी कहा है कि उन्होंने केपी गोसावी से यह कैश लेकर सैम डिसूजा को दिया था। प्रभाकर ने बताया था कि उनसे पंचनामा का पेपर बताकर जबरन 10 खाली कागजों पर साइन करवाया गया था। उनका आधार कार्ड मांगा गया। उन्हें इस गिरफ्तारी के बारे में कुछ नहीं पता था।

नवाब मलिक ने भी लगाए गंभीर आरोप

महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक ने वानखेड़े को फर्जी आदमी कहा था। उन्होंने कहा था कि बर्थ सर्टिफिकेट में उनका नाम समीर दाऊद वानखेड़े है। बर्थ सर्टिफिकेट में टेम्परिंग करके उनके पिता ने नाम बदला था, उसके आधार पर कास्ट सर्टिफिकेट निकाला गया और दलित कैंडिडेट का हक मारकर वे IRS बने। मलिक ने कहा कि बर्थ सर्टिफिकेट के मुताबिक, समीर की माता मुस्लिम थीं। मलिक के आरोपों के बाद वानखेड़े का पूरा परिवार मलिक पर हमलावर हो गया।

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