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ऊँट गाड़ी से पहुँचे सैकड़ों किसानों के साथ किरोड़ी का सिविल लाइंस फाटक पर धरना

जयपुर। सांसद किरोड़ी मीणा ने कहा है कि राज्य में बाजरे की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद नहीं होने से प्रदेश का किसान बेबस है। बुवाई ओर उपज में देश में सबसे ज्यादा हिस्सेदारी रखने के बावजूद प्रदेश का किसान लागत से कहीं कम में उपज बेचने के लिए मजबूर हैl यदि किसानों की आवाज को अनसुना किया गया तो आने वाले समय में सरकार के लिए यह मुसीबत बनेगी।

डॉक्टर किरोड़ी मीणा ने सैकड़ों किसानों के साथ शुक्रवार को सिविल लाइंस फाटक पर धरना दिया। बाजरे की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP ) पर शीघ्र खरीद प्रारंभ कराने के संबंध में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नाम मीणा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन सौंपा। डॉ मीणा ने कहा कि राजस्थान बाजरा का सबसे बड़ा उत्पादक प्रदेश है जो देश में कुल बाजरे का आधा उत्पादन करता है ,लेकिन राज्य सरकार ने अब तक एमएसपी पर इस फसल की खरीद शुरू नहीं की है। बाजरे की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद नहीं होने के कारण प्रदेश के किसान परेशान है ‌। किसानों का कहना है कि MSP पर खरीद नहीं होने से उन्हें प्रति क्विंटल Rs 900 से Rs 1000 तक का नुकसान हो रहा है।

ऊँट गाड़ी से पहुँचे सैकड़ों किसानों के साथ किरोड़ी का सिविल लाइंस फाटक पर धरनाडॉक्टर किरोड़ी मीणा ने पड़ोसी राज्य हरियाणा का हवाला देते हुए कहा कि वहां न केवल MSP पर बाजरे की खरीद हो रही है, बल्कि बाजरा उत्पादक किसानों को मूल अंतर भी दिया जा रहा है। बाजरे का एमएसपी Rs 2250 है और बाजरे की खेती में लागत 1549 रुपये प्रति क्विंटल है। किसानों को उनकी उपज के लिए 1100 रु से 1300 रु ही मिल रहा है। इस तरह एमएसपी की तुलना में नुक़सान लगभग Rs 1000 प्रति क्विंटल है ,अगर आप लागत को ध्यान में रखते हैं तो किसानों को Rs 250 से Rs 450 प्रति क्विंटल का नुकसान हो रहा है। केंद्र सरकार बाजरे की खरीद के लिए तैयार है लेकिन राज्य सरकार सहमति पत्र नहीं भेज रही है और प्रदेश के हजारों लाखों किसान अपने बाजरे को औने पौने दामों पर बेचने के लिए मजबूर हैं।

डॉक्टर मीणा ने कहा कि केंद्र सरकार ने खरीफ वर्ष 2020 -21 के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद किए जाने के लिए फ़सलों को अधिसूचित किया था लेकिन राज्य सरकार ने बंपर पैदावार के बावजूद बाजरे की खरीद प्रारंभ नहीं की।

ऊँट गाड़ी से पहुँचे सैकड़ों किसानों के साथ किरोड़ी का सिविल लाइंस फाटक पर धरना

ऊंट गाड़ी में पहुंचे किसान
जयपुर सहित आसपास के बड़ी संख्या में किसान सिविल लाइंस फाटक पहुंचे। कुछ किसानों ने ऊंट गाड़ी में बाजरे की बोरियां लाद रखी थी। इसी दौरान किरोड़ी मीणा भी तमाम सुरक्षा चक्र को धता बताते हुए किसान की वेशभूषा में धरना स्थल पर पहुंच गए। यहां किरोड़ी ने किसानों को संबोधित किया और सरकार पर जमकर प्रहार किए। बाद में किसानों ने धरना स्थल पर बाजरे की बाली की होली जलाते हुए सरकार को अपनी मजबूरी जाहिर की।

मांग पत्र में सरकार से प्रमुख मांगे:-
1. जब केंद्र ने बाजरे का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) घोषित कर दिया है तो राज्य सरकार स्थाई खरीद केंद्र खोलकर बाजरे की खरीद अभिलंब प्रारंभ करें। हरियाणा की तर्ज पर भावांतर योजना लागू की जाए।
2. किसान को बाजार में लागत मूल्य तक नहीं मिल पा रही है अतः स्थाई समाधान की दृष्टि से राज्य सरकार कृषि उपज मंडी अधिनियम में संशोधन कर बाजरे की नीलामी बोली न्यूनतम समर्थन मूल्य से प्रारंभ करने का प्रावधान करें।
3. राजस्थान में बाजरा सबसे ज्यादा पैदा किया जाता है तथा बहुत स्वास्थ्यवर्धक है अतः राज्य सरकार बाजरे को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस ) में शामिल किया जाए।

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