जयपुर : पंजाब कांग्रेस के प्रभारी बनने के बाद हरीश चौधरी अब कांग्रेस हाईकमान से मिलकर मंत्री पद छोड़ने की पेशकश करेंगे। हरीश चौधरी ने पंजाब प्रभारी बनते ही एक व्यक्ति एक पद की पैरवी करते हुए मंत्री पद छोड़ने के संकेत दिए थे। कल दिल्ली में राज्यों के कांग्रेस प्रभारियों और प्रदेशाध्यक्षों की बैठक है। बैठक के बाद चौधरी सोनिया गांधी और राहुल गांधी से मिलकर मंत्री पद छोड़ने की पेशकश कर सकते हैं।
हरीश चौधरी ने कहा कि मैं पंजाब का फुल टाइम प्रभारी हूं। अभी मेरा पूरा फोकस पंजाब विधानसभा चुनाव पर है। जनवरी तक मेरे पास पंजाब के अलावा दूसरे काम के लिए एक मिनट का भी टाइम नहीं है। हाईकमान ने मुझे पंजाब प्रभारी की जिम्मेदारी दी है, वह फुल टाइम काम है।
अन्य सन्दर्भ या व्यक्ति से ना जोड़े
हरीश चौधरी ने कहा कि एक व्यक्ति के पास एक ही पद होना चाहिए। यह बात मैं पहले भी कह चुका हूं और आज भी दोहरा रहा हूं। यह बात मैंने खुद के संदर्भ में कही है, क्योंकि मेरा ऐसा मानना है कि इसे किसी दूसरे व्यक्ति या नेता के संदर्भ में लागू करने से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। गहलोत सरकार में तीन मंत्रियों के पास फिलहाल सत्ता और संगठन दोनों में पद हैं। हरीश चौधरी इस्तीफे की पेशकश कर चुके हैं। स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा के पास गुजरात प्रभारी की जिम्मेदारी है, तो शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा के पास कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष का पद है।
