जयपुर: सरकारी स्कूल का एलडीसी पटवारी एग्जाम में डमी कैंडिडेट बनकर दोस्त की जगह एग्जाम देने पहुंचा। डमी कैंडिडेट और असली कैंडिडेट दोनों की फोटो बिल्कुल मैच कर रही थी। आधार कार्ड से लेकर अन्य दस्तावेज भी तैयार कर लिए गए थे। पुलिस ने भाषा को लेकर संदेह होने पर नजर रखी तो डमी कैंडिडेट पकड़ में आ गया। इसी तरह उदयपुर में पटवारी परीक्षा के दूसरे दिन रविवार को गोवर्धन विलास थाना इलाके में एक डमी कैंडिडेट पकड़ा गया। जालौर जिले का रहने वाला एक यह युवक किसी और की जगह पर परीक्षा देने आया था। परीक्षा केन्द्र पर चेकिंग के दौरान परीक्षक को जब परीक्षार्थी संदिग्ध लगा तो पुलिस को बुला लिया गया। आरोपी से पूछताछ की जा रही है। जोधपुर में रविवार को पटवारी भर्ती परीक्षा में एक फर्जी परीक्षार्थी को पकड़ा है। यह फर्जी परीक्षार्थी बीस हजार रुपए लेकर अपने दोस्त के स्थान पर परीक्षा दे रहा था। परीक्षा पास होने पर पांच लाख रुपए देने का सौदा तय हुआ था।

जयपुर में जब LDC ने बातचीत की तो साफ लग गया कि वह दौसा का नहीं है। बोली और टोन में काफी फर्क था। पुलिस को भी पहले उसके बारे में इनपुट मिल चुका था। असली कैंडिडेट दौसा का रहने वाला है। डमी कैंडिडेट जालोर क्षेत्र मारवाड़-गोड़वाड़ का रहने वाला है। बता दे कि, आरेापी सुनील गोदारा जालोर जिले के एक सरकारी स्कूल में तैनात है। इससे पहले रीट में भी डमी कैंडिडेट बन एग्जाम दे चुका है। शनिवार को वह दोस्त की जगह एग्जाम देने आया था। रविवार को अपने दूसरे भाई की जगह वह फर्जी कैंडिडेट बनकर एग्जाम देने वाला था, लेकिन पुलिस ने उसे व उसके भाई दोनों को गिरफ्तार कर लिया है।
डीसीपी हरेंद्र महावर ने बताया कि सुनील गोदारा व ओमप्रकाश को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस को सूचना मिली थी कि दो दिन चलने वाली पटवारी भर्ती में जालोर से फर्जी कैंडिडेट बनकर जयपुर में परीक्षा देने आए हैं। तब पुलिस लोकेशन के हिसाब से कुमावत क्षत्रिय सीनियर सेकेंडरी स्कूल के पास पहुंची। वहां पर एएसपी भरतलाल मीणा, डीएसपी भोपाल सिंह भाटी व सोडाला थानाधिकारी सत्यपाल सिंह के साथ अन्य पुलिसकर्मी पहुंच गए। पुलिस टीम आरोपियों की तलाश कर रही थी।
मुख्य अभ्यर्थी भूपेंद्र कुमार मीणा पुत्र बाबूलाल मीणा महुआ दौसा के स्थान पर डमी कैंडिडेट बनकर सुनील गोदारा आया था। जांच में भूपेंद्र फर्जी पाया गया। पुलिस ने सुनील गोदारा को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में उसने बताया कि ओमप्रकाश के जरिए ही डील हुई थी। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
जालोर का युवक मास्टरमाइंड
सुनील कुमार गोदारा पढ़ने में काफी होशियार है। वह एलडीसी के पद पर जालोर में है। जांच में सामने आया कि मास्टरमाइंड रामलाल बिश्नोई पुत्र जगमाला निवासी चितलवाना जालोर है। इनके पास से पुलिस को आधार कार्ड व काफी फर्जी कार्ड मिले हैं। इनपर नाम-पते किसी और के हैं। वह खुद आदमी अलग है। रामलाल राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, चितलवाना, जालोर में शरीरिक शिक्षक है। यह पढ़े-लिखे युवकों को लालच देकर उन्हें दूसरे की जगह पर परीक्षा देने भेज देता है। ओमप्रकाश व श्रवण की जगह पर डमी कैंडिडेट से पेपर दिलाने की बात सामने आई है। पुलिस रामलाल बिश्नोई की तलाश कर रही है।
भाई की जगह पर देने वाला था परीक्षा
सुनील बिश्नोई 24 अक्टूबर को पहली परीक्षा में भाई ओमप्रकाश के स्थान पर परीक्षा देने वाला था। इसके बाद वह श्रवण कुमार की परीक्षा देने जाने वाला था। जांच में पता लगा कि सुनील बिश्नोई रीट की परीक्षा में 26 सितम्बर को सांगानेर में अरविंद कुमार के स्थान पर फर्जी डमी कैंडिडेट बनकर परीक्षा देने आया था। सुनील के भाई ओमप्रकाश की रीट लेवल दो की परीक्षा महारानी कॉलेज जयपुर में किसी अन्य युवक ने आकर दी थी।
