जयपुर। राज्य सरकार अब खनिजों के अवैध परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए कारगर कदम उठाने जा रही है। अतिरिक्त मुख्य सचिव माइंस डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया है कि खनिज बजरी सहित खनिजों के परिवहन करने वाले वाहनों का माइंस विभाग में पंजीयन कराना अनिवार्य किया जाएगा। इसके लिए आवश्यक विस्तृत दिशा-निर्देशों को अंतिम रुप दिया जा रहा है।
एसीएस माइंस डॉ. सुबोध अग्रवाल शुक्रवार को सचिवालय में माइंस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक ले रहे थे। उन्होंने कहा कि अवैध खनन के साथ ही अवैध खनिज परिवहन को रोकना भी बड़ी चुनौती है और इसके लिए खनिजों के परिवहन करने वाले वाहनों का विभाग में रजिस्ट्रेशन करवाना जरुरी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के इस कदम से जहां अवैध खनन गतिविधियों पर रोक लगेगी वहीं राज्य सरकार को होने वाली राजस्व हानि भी रुकेगी।
डॉ. अग्रवाल ने विभागीय डिपार्टमेंटल मेन्यूअल को शीघ्र ही अंतिम रुप देने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय से प्राप्त निर्देशों, सीएमआईएस प्रकरणों, लंबित विधानसभा प्रश्नों सहित लंबित प्रकरणों की तय समयसीमा में निस्तारण के निर्देश दिए।
अवैध खनिज परिवहन करते दस वाहन जब्त
एसएमई जयपुर सतर्कता केसी गोयल ने बताया कि बजरी और मेसेनरी स्टोन का अवैध परिवहन करते दस वाहनों को जब्त किया गया है। उन्होंने बताया कि नीम का थाना में 3, सीकर में 2, जयपुर और अलवर में एक-एक और एसएमई विजिलंेस में 3 वाहन जब्त कर संबंधित थानों कों सुपुर्द कराए गए हैं।
बैठक में उपसचिव नीतू बारुपाल, अतिरिक्त निदेशक जयपुर बीएस सोढ़ा, एसएमई एनएस शक्तावत, ओएसडी महावीर प्रसाद मीणा, डीएलआर गजेन्द्र सिहं सहित अधिकारी उपस्थित थे।
