जयपुर: राजस्थान के इतिहास में हुई सबसे बड़ी रीट परीक्षा को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। राज्यसभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा ने रीट परीक्षा में हुई धांधली के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से लेकर कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारी सब रीट एग्जाम में हुई धांधली के लिए जिम्मेदार है। ऐसे में इस मामले की CBI जांच करवाई जानी चाहिए। तभी प्रदेश के छात्रों को इंसाफ मिल सकेगा।
सांसद किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि रीट परीक्षा में सिर्फ नकल गिरोह ही नहीं बल्कि माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के आला अधिकारी भी शामिल है। जिनकी देखरेख में ही गोपनीय शाखा से रीट की आंसर की भी पेपर के साथ बाहर आई थी। यही आंसर की प्रदेश के कई केंद्रों पर भेजी गई। जबकि परीक्षा के दौरान पेपर के साथ आंसर की भेजने का कोई औचित्य नहीं है। मीणा ने कहा कि रीट के आयोजन से 2 दिन पहले पेपर से भरा कंटेनर भी पलटा था। इस पूरे मामले को दबाया गया। जबकि इस पूरे मामले में एक साजिश की बू आती है। जिसकी निष्पक्ष जांच करवाई जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि इस पूरी धांधली में अधिकारियों के साथ कांग्रेस के पदाधिकारी भी जिम्मेदार हैं। जिस बत्तीलाल की मेरे और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के साथ तस्वीरें सामने आई है। वह अब तक फरार है। ऐसे में सरकार को उसे पकड़ने के साथ उसके आकाओं को भी पकड़ना चाहिए। ताकि इस पूरे घपले का पता लगाया जा सके। सांसद मीणा ने कहा कि सरकार इस पूरे घटनाक्रम को दबाने में लगी है। जबकि इसके सीधे तार अजमेर से लक्ष्मणगढ़ तक जा रहे हैं। जिसकी सिर्फ सीबीआई से ही निष्पक्ष जांच करवाई जानी चाहिए।
किरोड़ी लाल ने कहा कि मैंने भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को भी इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी है। जिसके बाद प्रदेश के सभी विधायक छात्रों के हित में धरना देंगे। जिसकी तारीख का ऐलान बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया करेंगे। ऐसे में बीजेपी विधायकों के धरने तक मैं अपने धरने को स्थगित करता हूं।
