जयपुर: SI भर्ती परीक्षा में डमी कैंडिडेट बनकर पेपर देने वाले 7 युवकों को जयपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। खास बात है कि इनमें से कोई ड्राइवर है, तो कोई 12वीं पास। एक युवक बीए पास है, तो एक क्लिनिक चलाता है। पुलिस का दावा है कि ये डमी कैंडिडेट बनकर दूसरे के स्थान पर परीक्षा देने आए थे। हालांकि परीक्षा में बैठने के लिए कितने रुपए में डील हुई थी। ये पुलिस को पता नहीं है। बड़ा सवाल है कि राजस्थान पुलिस के सब इंस्पेक्टर की परीक्षा को 12वीं पास और ड्राइवर कैसे पास करवा देंगे।
डीसीपी ईस्ट प्रहलाद कृष्णियां ने बताया कि एसआई भर्ती परीक्षा में डमी कैंडिडेट बैठा नकल कराने की सूचना मिली थी। रामनगरिया थानाधिकारी पुरुषोत्तम महरिया ने वीआईटी कॉलेज के पास पहुंचे। वहां पर दो गाड़ियां छायादार पेड़ों के नीचे सड़क के किनारे खड़ी थीं। वे एसआई भर्ती परीक्षा देने आए थे। पुलिस को देखकर वे जाने लगे तो उन्हें शक हुआ। तब पुलिस ने उन युवकों को पकड़ लिया। गाड़ी की तलाशी लेने पर इनसे एक लाख रुपए, सात मोबाइल, दो वाहन बरामद हुआ।
वॉट्सऐप में मिले प्रवेश पत्र
पुलिस का कहना है कि युवकों के मोबाइल चेक किए तो अलग-अलग प्रवेश पत्र मिले। साथ ही, पुलिस को पेपर देने के बदले रुपए की चैटिंग भी मिली। चैटिंग में पहला स्थान दिलाने की बातें हैं। इनसे 15 लाख रुपए के लेनदेन की सेटिंग हुई थी। स्विफ्ट डिजायर व एक जीप बरामद कर ली गई है। पवन कुमार व राजेश कुमार गिरोह बनाकर एसआई परीक्षा को पास करवाने व मेरिट में आने के लिए युवकों से डील कर रहे थे। पुलिस ने हनुमान, सुरेश कुमार, हरिमोहन, राजेश कुमार मीना ,बनकेश मीना , आशाराम मीना, पवन मीना को गिरफ्तार किया है।
