जयपुर। राज्य विधानसभा में चर्चा के दौरान आज “नाथी का बाड़ा” एक बार फिर से सुर्खियों में आ गया। इस पर ठहाके भी खूब लगे। पर्यटन से जुड़े बिल पर चर्चा करते हुए उप नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने अधिकारियों की कार्यशैली पर तंज कसते हुए कहा कि नाथी के बाड़े को सरकार को पर्यटन स्थल घोषित कर उसमे उन अधिकारियों को लाकर भर दो ताकि राजस्थान एडिमिस्ट्रेशन सर्विस से जो इसमें आये वो सर्वोपरि बन जाए।
राठौड जब बोल रहे थे तो शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा जिनके पास पर्यटन विभाग का प्रभार भी है डोटासरा ने टोकते हुए चुटकी ली कि वो तो पहले से ही पर्यटन स्थल है। पाली में कभी आप जाकर तो देखिए। इस पर राठौड़ ने पलटवार करते हुए कहा कि अगर पर्यटन स्थल है तो ये बता दे कि एक पैसा भी सरकार ने खर्च किया हो तो। सभापति राजेन्द्र पारीक ने राठौड़ – डोटासरा दोनों को टोकते हुए कहा कि वे इस सदन को नाथी का बाड़ा नहीं बनने देंगे।
आपको बता दे कि नाथी का बाड़ा राजस्थान में प्रचलित कहावत है जिसका भावार्थ ऐसी जगह जहां बिना रोक टोक के कोई भी आ जा सकता है। कुछ माह पूर्व शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने मिलने आए शिक्षक नेताओं को अपने आवास से खदेड़ते हुए कहा था कि ये कोई नाथी का बाड़ा नहीं जहां बिना पूछे मुंह उठाये चले आये। डोटासरा का ये वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था। कई रोचक मीम बने थे। विपक्षी नेताओं ने राजस्थान में हुए उप चुनाव के दौरान डोटासरा पर उनकी इसी कहावत को लेकर अपने भाषणों में तंज कसे थे।
