Headlines

NHAI रिटायर्ड अधिकारी के मर्डर के बाद शूटर पाप धोने गए थे हरिद्वार

NHAI

जयपुर : जयपुर में NHAI के रिटायर्ड अधिकारी और एडवाइजर राजेंद्र चावला की हत्या के मामले में शूटर ने पुलिस पूछताछ में कई खुलासे किए हैं। आरोपी रामधिया से पुलिस 7 दिनों से पूछताछ कर रही है। दोनों शूटर मर्डर के बाद प्रायश्चित करना चाहते थे, इसके लिए वे अपने पाप धोने हरिद्वार भी गए थे। हत्या के बाद वे सीधे गांव चले गए थे और पानीपत के पास ही किसी गांव में हथियार छिपा दिए।

पहली बार ली थी किसी की सुपारी

आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि पहली बार उन्होंने किसी की सुपारी ली थी। हत्या के बाद उन्हें लगा कि बहुत बड़ा पाप कर दिया है। इसी पाप को धोने के लिए दोनों ने हरिद्वार जाने का प्लान बनाया। पानीपत से वे सीधे हरिद्वार गए और दोनों ने गंगा में डुबकी लगाई। कुछ दिनों तक वे साथ रहे थे। इसके बाद पुलिस से बचने के लिए मोबाइल बंद कर दोनों अलग-अलग हो गए। अब पुलिस हथियार बरामदगी के लिए पानीपत जाएगी। दूसरे शूटर धर्मेंद्र को पुलिस ने 6 सितंबर को ही कुरूक्षेत्र से गिरफ्तार किया था।

डमी पर की थी प्रैक्टिस

गोली मारने से पहले दोनों ने डमी पर शूटिंग की प्रैक्टिस की थी ताकि निशाना नहीं चूक जाए। इसके बाद जयपुर आकर वारदात को अंजाम दिया। मर्डर के बाद दोनों पुलिस से बचने के लिए ठिकाने बदलते रहे। आरोपी धर्मेंद्र ने तो 10 दिन तक कपड़े भी नहीं बदले थे। मामले में पुलिस ने कंपनी मालिक करणदीप श्योराण, रामधिया, धर्मेंद्र, नवीन बिस्ला, विकास और अमित नेहरा को गिरफ्तार किया है।

मीटिंग में शामिल होने आया था आरके चावला

गौरतलब है कि 26 अगस्त को आरके चावला फरीदाबाद से जयपुर में प्रोजेक्ट की प्रोग्रेस मीटिंग में शामिल होने के लिए आए थे। बाहर निकलते ही धर्मेंद्र और रामधिया शूटर ने उन्हें गोली मार दी थी। पुलिस ने संदेह के आधार पर कंपनी के ठेकेदारों और कर्मचारियों से पूछताछ शुरू की।

कंपनी का मालिक मास्टरमांइड

करणदीप ही चावला की हत्या का मास्टरमाइंड है और वह मैसर्स ई 5 इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी का मालिक है। कंपनी का 6 हजार करोड़ रुपए का टर्नओवर है और इंफ्रास्ट्रक्चर का काम करती है। विकास देवंदा और नवीन दोनों ही इंजीनियर हैं। ये करणदीप की कंपनी में काम करते हैं। गुरुग्राम से जयपुर तक 14 फुटओवर ब्रिज 35 करोड़ रुपए में बनने थे। इसका टेंडर करणदीप की कंपनी को मिला था। कंपनी ने समय पर प्रोजेक्ट पूरा नहीं किया। तब एडवाइजर आरके चावला ने कंपनी पर 3.5 करोड़ रुपए की पेनल्टी लगा दी। करणदीप ने प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए समय मांगा था। चावला ने समय पर काम पूरा करने की बात कही थी। इसी बात से करणदीप काफी नाराज हो गया था। इसलिए जयपुर में मीटिंग बुलाई और चावला को रास्ते से हटाने के लिए 15 लाख रुपए में सुपारी दी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *