नई दिल्ली : नेपाल की शेर बहादुर देउबा सरकार ने साफ कर दिया है कि किसी भी विरोध प्रदर्शन के दौरान भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला जलाया गया या भारत के सम्मान के खिलाफ नारेबाजी हुई तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। रविवार को जारी बयान में साफ तौर पर कहा गया है कि नेपाल सरकार अपने सभी पड़ोसियों से करीबी और मजबूत रिश्ते चाहती है और अगर कहीं मतभेद या विवाद होते हैं तो इन्हें डिप्लोमैटिक लेवल पर बातचीत के जरिए सुलझाया जाएगा।
पिछले दिनों नेपाल के धाराचूला क्षेत्र से एक युवक तार के सहारे नदी पार कर भारत में प्रवेश कर रहा था। तार टूट गया और युवक नदी में बह गया। नेपाल में कुछ भारत विरोधी संगठनों का आरोप है कि भारत की तरफ से किसी ने तार काट दिया था। इसकी वजह से युवक नदी में गिर गया और उसकी मौत हो गई।
मुश्किल में नेपाल सरकार
धाराचूला की घटना के बाद नेपाल में कुछ भारत विरोधी संगठनों और खासकर वामपंथी संगठनों ने प्रदर्शन किए थे। इस दौरान मोदी का पुतला जलाया गया था। संगठनों का आरोप है कि यह तार भारत के एक सीमा सशस्त्र बल के जवान ने काटे थे। वामपंथी संगठनों ने लोगों को भारत के खिलाफ भड़काने की भी कोशिश की थी। इसके बाद मोदी का पुतला जलाया गया था।
इस घटना के बाद नेपाल सरकार मुश्किल में आ गई थी। वो ये नहीं समझ पा रही थी कि भारत से बातचीत कर इस मामले को सुलझाया जाए या फिर विरोध करने लोगों पर कार्रवाई की जाए। पिछले कुछ दिनों से नेपाल में कुछ लोग इस मामले को उछालने का प्रयास कर रहे थे।
