अमृतसर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम अमृतसर स्थित जलियांवाला बाग के नए स्वरूप का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से उद्घाटन करेंगे, लेकिन इससे पहले ही इसका विरोध शुरू हो गया है। कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसान शनिवार सुबह ही जलियांवाला बाग से कुछ ही दूरी पर घी मंडी के पास जमा हो गए और उन्होंने बाग तक आने वाले सभी रास्ते बंद कर दिए। किसानों की चेतावनी है कि आज होने वाले उद्घाटन समारोह में किसी भाजपा नेता को नहीं आने देंगे।
किसानों के विरोध प्रदर्शन का पता चलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और किसानों को समझाने की कोशिश की। सुरक्षा के मद्देनजर जलियांवाला बाग के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
श्वेत मलिक अब वर्चुअल रूप से जुड़ेंगे
राज्यसभा सदस्य और पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्वेत मलिक पहले उद्घाटन समारोह में शामिल होने जलियांवाला बाग आने वाले थे, लेकिन किसानों के विरोध-प्रदर्शन के बाद उन्होंने अपना कार्यक्रम बदल लिया है। मलिक का कहना है कि वो अब घर से ही वर्चुअली उद्घाटन समारोह से जुड़ेंगे। प्रदर्शन कर रहे किसानों को यह भी सूचना मिली थी कि हरियाणा के मुख्यमंत्री भी जलियांवाला बाग पहुंचने वाले हैं। हालांकि, पुलिस ने उन्हें इससे इनकार किया है। दूसरी ओर किसानों का कहना है कि जब तक प्रधानमंत्री का ये कार्यक्रम खत्म नहीं होता, वो धरने पर बैठे रहेंगे।
शहीदों की सलामी से होगी शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत में शहीदों को सलामी दी जाएगी। इसके लिए BSF के जवानों की टुकड़ी को तैयार किया गया है। इतना ही नहीं, कार्यक्रम की शुरुआत में शबद गायन भी होगा। टेंट के अंदर बड़ी स्क्रीन लगाई गई है। इसके माध्यम से प्रधानमंत्री और देश के अन्य बड़े नेता कार्यक्रम के साथ जुड़ेंगे। प्रधानमंत्री शहीदों को नमन कर देश को संबोधित करेंगे। उद्घाटन के बाद लाइट एंड साउंड प्रोग्राम होगा। इसमें जलियांवाला बाग कांड के दृश्य को हिंदी, अंग्रेजी और पंजाबी में दिखाया जाएगा। उद्घाटन के बाद यह ऐतिहासिक स्थल जनता के लिए खोल दिया जाएगा।
