जयपुर: जयपुर ग्रेटर नगर निगम की निलंबित मेयर सौम्या गुर्जर को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली। सुप्रीम कोर्ट ने उनके निलंबन आदेश और ज्यूडिशियल इंक्वायरी पर रोक नहीं लगाई है। हालांकि खंडपीठ ने ज्यूडिशियल इंक्वायरी जल्दी पूरी करने को कहा है। सौम्या गुर्जर की एसएलपी-अपील पर सुप्रीम कोर्ट में अगली तारीख 28 सितम्बर को है। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। जस्टिस संजय किशन कॉल और जस्टिस ऋषिकेश रॉय की खंडपीठ ने दोनों पक्षों को सुना। सौम्या गुर्जर की ओर से एडवोकेट रूचि कोहली की ओर से दायर इस अपील पर पूर्व अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने पैरवी की है। जबकि राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता के रूप में सीनियर एडवोकेट मनीष सिंघवी उपस्थित हुए।
राज्य सरकार, स्थानीय निकाय के विभाग के विशिष्ट सचिव व उपनिदेशक, नगर निगम आयुक्त और कार्यवाहक महापौर शील धाबाई को पिछली सुनवाई के दौरान नोटिस जारी किए गए थे। जिनके जवाब भी कोर्ट में पेश हुए। अपील में सौम्या गुर्जर की याचिका राजस्थान हाईकोर्ट की ओर से खारिज करने के 28 जून के आदेश को चुनौती दी गई है। नगर निगम आयुक्त की ओर से सौम्या गुर्जर पर तेज़ आवाज़ में बोलने के आरोप लगाए गए हैं।
