जयपुर : एक बंदर चोटिल हुआ तो इलाज कराने अस्पताल पहुंच गया। जी हाँ ! यह पूरा मामला जयपुर-आगरा रोड स्थित कानोता के एक निजी अस्पताल का है।
निजी अस्पताल में कार्यरत डॉक्टर फरोज ने शनिवार सुबह देखा कि हॉस्पिटल गेट पर एक बंदर बैठा है। उसके पेट से खून निकल रहा था। डॉक्टर फिरोज बंदर के पास गए। उसे दुलारा। बंदर भागा नहीं। न ही डॉक्टर को कोई नुकसान पहुंचाया। उसके जख्म को देखकर डॉक्टर फिरोज अस्पताल के अंदर ले गए। उसे बेड पर लेटा कर उसका इलाज किया। डॉक्टर फिरोज ने बताया कि बंदर को कंधे पर बैठाकर अंदर ले आए। बेड के पास पहुंचते ही बंदर कंधे से उतरकर बेड पर आराम से लेट गया, तब उसके घाव को देखा। दवाई लाकर घाव को साफ किया। बंदर आराम से बेड पर लेट कर इलाज कराता रहा। उसकी ड्रेसिंग की गई। फिर एक कंपाउंडर के साथ बाइक पर बंदर को बैठाकर। उसे जयपुर-आगरा रोड पर सुरक्षित जगह पर छोड़ दिया गया।
