नई दिल्ली : नेताजी सुभाष चंद्र बोस के परपोते चंद्र कुमार बोस ने स्वतंत्रता दिवस से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुला खत लिखा है। चंद्रबोस ने मांग की है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लालकिले की प्राचीर से अपने संबोधन से नेताजी सुभाष चंद्र बोस और आजाद हिन्द फौज का ज़िक्र करना ना भूलें। चंद्रबोस ने अपनी चिट्ठी में लिखा है कि 1857 से ही अंग्रेजों के खिलाफ देश में अलग-अलग जगह आंदोलन शुरू हो गए थे, लेकिन इंडियन नेशनल आर्मी द्वारा अंग्रेजों को देश छोड़कर जाने के लिए मजबूर कर दिया गया।
उन्होंने लिखा है कि आजाद हिन्द फौज ने अंग्रेजी शासन की जड़ों को हिला दिया था। इसी के बाद अंग्रेजों को अहसास हुआ था कि वह हिन्दुस्तान में लंबे वक्त तक नहीं रुक सकते हैं। चंद्रबोस ने अपने खुले पत्र में लिखा कि लॉर्ड क्लीमेंट एटली, लॉर्ड माउंटबेटन, डॉ. बी.आर. अंबेडकर, मेजर जनरल जीडी बख्शी, अजित डोभाल समेत अन्य बड़े दिग्गजों ने इस सच्चे इतिहास का माना है। ऐसे में आपकी सरकार द्वारा भी इस संघर्ष को याद किया जाना चाहिए।
Open Letter to the Hon’ble Prime Minister Shri @narendramodi ji, on the occasion of #75YearsIndependence #AzadiKaAmritMahotsav Jai Hind! pic.twitter.com/AkSvylwp3B
— Chandra Kumar Bose (@Chandrakbose) August 13, 2021
आजाद हिंद फौज की 75वीं वर्षगांठ पर भी लाल किले पर लहराया था तिरंगा
आपको बता दें कि इस बार का स्वतंत्रता दिवस काफी खास होने वाला है। क्योंकि इस बार भारत आजादी के 75वें वर्ष में प्रवेश कर जाएगा, वहीं आजादी के अमृत महोत्सव का भी आगाज होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर बार की तरह इस बार भी लालकिले की प्राचीर से इस मौके पर देश को संबोधित करेंगे। बता दें कि साल 2018 में जब आजाद हिंद फौज की 75वीं वर्षगांठ मनाई गई थी, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लालकिले पर जाकर तिरंगा लहराया था। ऐसा पहली बार हुआ था कि स्वतंत्रता दिवस से इतर भी लालकिले पर भारतीय प्रधानमंत्री द्वारा तिरंगा फहराया गया था।
