जयपुर : प्रदेश में मानसून सीजन में अब शहरी क्षेत्र जो बारिश से प्रभावित होंगे। उनमें जरूरतमंदों को अब इंदिरा रसोई से खाने के पैकेट्स मुफ्त दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आज जब दिन में कोटा संभाग के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की रिपोर्ट ले रहे थे, तब कोटा कलेक्टर ने यह मांग उठाई थी। मुख्यमंत्री गहलोत ने नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल को इस संबंध में आदेश जारी करने के लिए कहा था। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद ही स्वायत्त शासन विभाग ने आदेश जारी करते हुए सभी नगरीय निकायों को इंदिरा रसोई से मुफ्त खाने के पैकेट्स बांटने के लिए कहा है।
बाढ़ राहत शिविरों में भिजवाए जाएंगे पैकेट्स
नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल ने बताया कि प्रदेश के कुछ हिस्सों में बाढ़ और अतिवृष्टि के कारण विकट हालात बने हुए हैं। सरकार ने कई जगहों पर बाढ़ राहत शिविर बनाए हैं। इन शिविरों में रसोईयों से खाने के पैकेट्स तैयार करके भिजवाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि कोरोनाकाल के दौरान सरकार ने प्रदेश में लगाए लॉकडाउन के दौरान शहरी क्षेत्रों के जरूरतमन्दों को इन्दिरा रसोईयों के जरिए मुफ्त खाने के पैकेट उपलब्ध कराए थे।
कोटा कलेक्टर ने उठाया था मामला
मुख्यमंत्री की वीसी के दौरान कोटा कलेक्टर उज्जवल राठौड़ ने सांगोद समेत अन्य जगहों पर राहत-बचाव के दौरान खाने की व्यवस्था पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि खाने की व्यवस्था और उसकी रेट को लेकर समस्या आती है। ऐसे में इंदिरा रसोई से अगर एक आदेश जारी कर यह व्यवस्था हो जाए तो टेण्डर की समस्या नहीं होगी।
इस पर प्रमुख शासन सचिव आपदा राहत प्रबंधन आनन्द कुमार ने कहा था कि ऐसी स्थिति में खाने के लिए अलग से टेण्डर करने की जरूरत नहीं होती। SDRF फण्ड में पहले से इसका प्रावधान होता है। कलेक्टर के पॉवर होते है कि वह ऐसी स्थिति में कितनी भी राशि खर्च करके प्रभावित लोगों के लिए रहने और भोजन की व्यवस्था 7 दिन तक कर सकता है। इसके बाद मुख्यमंत्री ने धारीवाल को इंदिरा रसोई के जरिए भी खाना उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए थे।
