जयपुर, 7 जुलाई। मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट जयपुर द्वितीय ने विधायकों की खरीद-फरोख्त से जुडे मामले में केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह और संजय जैन की वॉयस सैंपल लेने की एसीबी को अनुमति दे दी है। इसके साथ ही अदालत ने प्रकरण में आगामी कार्रवाई करने के लिए अतिरिक्त मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट को अधिकृत करते हुए आदेश को सीलबंद लिफाफे में संबंधित मजिस्ट्रेट के पास भेज दिया है। अदालत ने यह आदेश एसीबी की ओर से पेश प्रार्थना पत्र पर दिए। प्रार्थना पत्र में ऑडियो की जांच के लिए गजेन्द्र सिंह व संजय जैन के वॉयस सैंपल लेने की जरूरत बताई गई थी।
मामले के अनुसार गत वर्ष जुलाई माह में तीन ऑडियो क्लिप वायरल हुई थी। जिसमें विधायकों की खरीद फरोख्त को लेकर बातचीत की जा रही थी। आरोप है कि इस ऑडियो क्लिप में केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह और संजय जैन की आवाज है। ऑडियो क्लिप के आधार पर पहले एसओजी ने मामला दर्ज किया था। वहीं बाद में एसओजी की ओर से क्षेत्राधिकार के आधार पर एफआर पेश की गई थी।
दूसरी ओर समान मामले में एसीबी ने भी संजय जैन, विधायक भंवरलाल शर्मा और गजेन्द्र सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया था। प्रकरण में एसीबी ने संजय जैन को गिरफ्तार भी किया था। कांग्रेस ने इसे सरकार गिराने के लिए विधायकों के खरीद-फरोख्त की साजिश बताया था। वहीं प्रकरण विधानसभा में भी उठाया गया था। जहां शांति धारीवाल ने कुछ बदमाशों के फोन टेप करने की बात कही थी। वहीं घटना को लेकर एक एफआईआर दिल्ली क्राइम ब्रांच में भी दर्ज है। दूसरी ओर हाल ही में प्रदेश के दौरे पर आए गजेन्द्र सिंह ने कहा था कि वे वॉयस सैंपल देने को तैयार है, महेश जोशी को भी दिल्ली क्राइम ब्रांच में जाकर अपने बयान दर्ज कराने चाहिए।
डॉ. महेश जोशी ने किया स्वागत
मुख्य सचेतक डॉ महेश जोशी ने अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए कहा, उम्मीद है कि अब गजेंद्र सिंह ACB को वॉइस सेम्पल देंगे। कई दिनों से लंबित प्रकरण में दूध का दूध और पानी का पानी होने की राह प्रशस्त होगी।
उन्होंने कहा कि अब गजेंद्र सिंह जी को इस मामले में उच्च अदालत में अपील भी नहीं करनी चाहिए,बल्कि अदालत के आदेश के मुताबिक आगे बढ़कर ACB को वॉइस सेम्पल देना चाहिए

