अजमेर : जोंसगंज क्षेत्र में पुश्तेनी भूमि के समतलीकरण के कार्य को लेकर भाजपा पार्षद पति की ओर से 50 लाख रुपए रिश्वत मांगने का मामला सामने आया। पार्षद पति ने 40 लाख में सौदा तय किया और पहली किश्त पांच लाख रुपए मांगी। बुधवार को जब दो दलालों ने इस मामले में 2 लाख रुपए की रिश्वत ली तो भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की टीम ने दोनों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। एसीबी मामले की जांच कर रही है। परिवादी का नाम गोपनीय रखा गया है।
एसीबी के अनुसार, परिवादी के जोंसगंज इलाके में पुश्तैनी भूमि के समतलीकरण करने के दौरान भाजपा पार्षद नीतू मिश्रा के पति रंजन शर्मा ने परिवादी को धमकाकर काम रुकवा दिया। इसके बाद काम करवाने एवं अपनी पत्नि के वार्ड सं 41 से वार्ड पार्षद होने का हवाला देकर पार्षद कोटे से कार्य करवाने के लिए 50 लाख रुपए की मांग की गई। पार्षद पति रंजन शर्मा ने अपने दो दलाल देवेन्द्रसिंह एवं किशन खंडेलवाल को रिश्वत राशि के संबंध में वार्ता करने एवं रिश्वत लेने के लिए कहा।
40 लाख रुपए में तय हुआ सौदा
एक जुलाई को मांग सत्यापन के दौरान 40 लाख रुपए में सौदा तय हुआ। प्रथम किस्त रिश्वत राशि के रूप में 5 लाख रुपए देना तय हुआ। 7 जुलाई को दलाल किशन खंडेलवाल एवं देवेन्द्रसिंह ने राजकीय महाविद्यालय चौराहे पर 2 लाख रुपए की रिश्वत राशि ली और एसीबी ने रंगे हाथों पकड़ लिया। एसीबी ने न्यू गोविन्द नगर रामगंज अजमेर निवासी किशन खंडेलवाल व पिपली बालाजी मंदिर के पास बिहारीगंज अजमेर निवासी देवेन्द्रसिंह को गिरफ्तार कर लिया है।
पार्षद के पति के घर चल रही तलाशी
फिलहाल पार्षद और उसके पति के घर पर तलाशी चल रही है। पार्षद का पति मौके से फरार बताया जा रहा है। एसीबी के अनुसार आरोपी पार्षद पति को भी मौके पर रिश्वत लेने पहुंचा था, लेकिन वो नहीं पहुंचा। एसीबी इन्टैलीजेंस यूनिट टीम में उप अधीक्षक पारसमल, पुलिस निरीक्षक राजेन्द्रसिंह, एएसआई कन्हैयालाल, लक्ष्मणदान, भरतसिह, अर्जुनलाल, मनीष कुमार शामल थे।
