जयपुर: माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर आज एक अनोखा किस्सा देखने को मिला। भारत में अफगानिस्तान के राजदूत फरीद मामुन्दजई ने अपने जीवन का एक किस्सा शेयर किया। अफगानिस्तान के राजदूत फरीद मामुन्जई डॉक्टर्स डे से पहले भारतीय डॉक्टर की तारीफ करने के बाद राजस्थान आने की इच्छा जताकर ट्वविटर पर छा गए। अफगान राजदूत ने हिंदी में ट्विट कर भारतीय डॉक्टर्स की जमकर तारीफ की।
इतने में पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट समर्थक कांग्रेस नेता बलकौर सिंह ढिल्लो ने अफगान राजदूत को अपने गांव हरिपुरा आने का न्योता दे ऐसा प्रभावित किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी गुजरात के हरिपुरा के साथ राजस्थान के हरिपुरा आने की बात ट्वीट पर जोड़नी पड़ी। गुजरात के हरिपुरा के बारे में तो सर्व विदित है कि वहां नेताजी सुभाष बॉस की अध्यक्षता में कांग्रेस का अधिवेशन हुआ था। हालांकि राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के हरिपुरा गांव के साथ ऐसा तो कोई इतिहास नहीं जुड़ा हुआ,लेकिन अफगान राजदूत और भारत के प्रधानमंत्री के बीच ट्वीटर संवाद और ढिल्लो के आत्मीय निमंत्रण ने राजस्थान के हरिपुरा को भी सुर्खियों में ला दिया।
ट्वीटर पर लंबे चले संवाद के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अफगान राजदूत को राजस्थान और गुजरात दोनों हरिपुरा गांव जाने की सलाह दी। ट्विटर पर भारत-अफगान दोस्ती का नया अध्याय लिखा गया, जिसमें पीएम और राजदूत के बीच सीधा संवाद हुआ। उसमें मुख्य सूत्रधार पूर्व प्रधान बलकौर सिंह ढिल्लो बने।
दरअसल, हुआ ये कि फरीद मामुन्दजई (Farid Mamundzay) ने ट्विटर (Twitter) पर एक किस्सा शेयर करते हुए लिखा कि कुछ दिन पहले वो एक डॉक्टर के पास इलाज कराने गए थे, लेकिन जब डॉक्टर को पता चला कि वो अफगान के राजदूत हैं तो डॉक्टर ने उनसे कोई फीस नहीं ली। इस पर डॉक्टर ने उनसे कहा कि मैं एक भाई से फीस नहीं ले सकता हूं।
2/2 मैं एक भाई को चार्ज नहीं करूंगा।
आभार व्यक्त करने के लिए शब्द नहीं थे।
यह भारत है; प्यार, सम्मान, मूल्य और करुणा।
आपके कारण मेरे दोस्त, अफगान थोड़ा कम रोते हैं, थोड़ा और मुस्कुराते हैं और बहुत अच्छा महसूस करते हैं। #Afghanistan #India— Farid Mamundzay फरीद मामुन्दजई فرید ماموندزی (@FMamundzay) June 30, 2021
उनके इस ट्वीट पर खुद को किसान बताने वाले पायलट समर्थक बलकौर सिंह ढिल्लो ने ट्वीट कर लिखा कि सर कभी हमारे हरिपुरा गांव भी आइए। फिर फरीद मामुन्दजई ने पूछा कि ये सूरत का हरिपुरा गांव है तो शख्स ने बताया कि नहीं ये राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में है, जो पंजाब की सीमा से सटा हुआ है। तब अफगानी राजदूत ने कहा कि राजस्थान के साथ अफगानिस्तान का लंबा इतिहास रहा है और स्थिति सामान्य होते ही मैं हरिपुरा जरूर आऊंगा।

दोनों के बीच बात चल ही रही थी कि फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) भी इसमें शामिल हो गए। उन्होंने अफगान राजदूत को टैग करते हुए कहा – आप बलकौर सिंह ढिल्लो के हरिपुरा भी जाइए और गुजरात के हरिपुरा भी जाइए, वो भी अपने आप में इतिहास समेटे हुए है। प्रधानमंत्री मोदी के ट्वीट करते ही अफगानिस्तान के राजदूत और पायलट समर्थक नेता ट्वीटर पर छा गए। राजस्थान और गुजरात के अलावा देश भर के यूजर्स ने इस पर खूब कमेंट किए।
आप @BalkaurDhillon के हरिपुरा भी जाइए और गुजरात के हरिपुरा भी जाइए, वो भी अपने आप में इतिहास समेटे हुए है। मेरे भारत के एक डॉक्टर के साथ का अपना अनुभव आपने जो शेयर किया है, वो भारत-अफगानिस्तान के रिश्तों की खुशबू की एक महक है। https://t.co/gnoWKI5iOh
— Narendra Modi (@narendramodi) July 1, 2021
बालकौर ने जताया पीएम का आभार
प्रधानमंत्री के ट्वीट के बाद बालकौर ने ट्विटर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया. उन्होंने ट्वीट किया, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी आपने किसान पुत्र व मेरे गाँव हरिपुरा का नाम लेकर जो सम्मान दिया है उसके लिए बहुत शुक्रिया.”
प्रधानमंत्री श्री @narendramodi
जी आपने किसान पुत्र व मेरे गाँव हरिपुरा का नाम लेकर जो सम्मान दिया है उसके लिए बहुत शुक्रिया? https://t.co/8Jld091SgX— ??????? ????? ??????? (@BalkaurDhillon) July 1, 2021
