जयपुर : राज्य में जुलाई के दूसरे पखवाड़े में माइंस सेफ्टी केंपेन चलाया जाएगा। एसीएस माइंस एवं पेट्रोलियम डाॅ. सुबोध अग्रवाल ने यह जानकारी वीडियो काॅफ्रेंसिंग के माध्यम से खनिज विभाग के एसएमई कार्यालयों के अधिकारियों के कार्यों की समीक्षा के दौरान दी। उन्होंने बताया कि केंपेन के दौरान विभागीय अधिकारी संबंधित विभागों, जिला प्रशासन और खनन क्षेत्रों के पट्टाधारियों व एसोसिएशन के सहयोग से सुरक्षा मानकों की पालना सुनिश्चित कराने के साथ ही माइनिंग कार्य से जुड़ें लोगों व श्रमिकों को सुरक्षा मानकों, स्वास्थ्य मानकों और खनिज नियमों के प्रति अवेयर भी कराया जाएगा।
डाॅ. सुबोध अग्रवाल ने वीडियो काॅफ्रेंसिंग के दौरान निर्देश दिए कि सिलिकोसिस पीड़ितों व सिलिकोसिस से मृत्यु के मामलों में सहायता राशि का वितरण प्राथमिकता से करते हुए विभागीय स्तर पर कोई प्रकरण बकाया नहीं रहना चाहिए। साथ ही विभाग द्वारा जब्त की गई बजरी की नीलामी प्राथमिकता से की जाए ताकि जब्त बजरी को खुर्दबुर्द होने से बचाया जा सके।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे फिल्ड में जाएं, क्षेत्र के माइनिंग कार्य का निरीक्षण कर निर्देशों की पालना सुनिश्चित कराने, सुरक्षा मानकों की पालना की जांच, अवैद्य माइनिंग गतिविधियों पर सख्ती से नियमानुसार कार्यवाही करने के साथ ही राजस्व की छीजत को रोककर राजस्व बढ़ाने के प्रयास करें। उन्होंने खननधारकों में बकाया राशि की वसूली के भी निर्देश दिए।
एसीएस डाॅ. अग्रवाल ने माइंस विभाग की भूविज्ञान व खनन विंग में परस्पर सहयोग व समन्वय से काम करने के निर्देश देते हुए कहा कि दोनों विंग के अधिकारी साथ विजिट कर नए खनन ब्लाॅकों के चिन्हीकरण और ब्लाॅक तैयार कर उनके ऑक्शन की तैयारी करें। बैठक में निदेशक माइंस केबी पण्ड्या, उपसचिव नीतू बारुपाल सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
