जयपुर। अनलॉकडाउन-3 की कल से लागू होने वाली गाइड लाइन को लेकर व्यापारियों व आमजन में निराशा और नाखुशी हैं। खासकर शादी-विवाह मामले में 1 जुलाई से जो छूट दी गई है उसको लेकर लोग खुश नजर नहीं आए। रेस्टोरेंट वालोंं का भी कहना है कि सरकार को कोरोना प्रोटोकॉल की पालना के साथ समय बढ़ाना चाहिए। हमारा तो धंधा ही शाम 7 बजे से रात्रि 11 बजे के बीच होता हैं।
गार्डन में शादी पर 40 जनों की जो छूट दी गई है वह अव्यवहारिक है। जिनके घर में शादी है उनका कहना है कि भारतीय समुदाय में एक पक्ष के घर परिवार की संख्या ही 40 हो जाती है। दोनों पक्षों के लोगों की कटौती भी करेंं तो 50-60 की संख्या मामूली बात है। उसमें सरकार ने 10 बैंड वाले 5 अन्य को भी शामिल कर रखा है। शादी गार्डन में हो या कहीं अन्य स्थान पर 10 आदमी तो हलवाई के होते हैं और कम से कम 10 वेटर भी चाहिए। गार्डन में शादी करके भी सुविधा ना मिले तो लाखों रुपए गार्डन चंत खर्च करने का क्या तुक है।

गार्डन में 100 की अनुमति में क्या हर्ज
लोगों का कहना है कि गार्डन में सोशल डिस्टेंस की कोई समस्या नहीं है तो कम से कम 100 की अनुमति तो दी ही जानी चाहिए।
प्रचंड गर्मी में 4 बजे तक का समय, फेरे कैसे होंगे
गार्डन का समय भी शाम 4 बजे तक का तय किया है। इस प्रचंड गर्मी में दिन में गार्डन का उपयोग हो ही नहीं सकता। दूसरा हिन्दू रीति रिवाजों में फेरे सांझ ढलने के बाद ही होते हैं फिर इस छूट का कोई मतलब ही नहीं।
टैन्ट डीलर ने भी उठाई मांग
राजस्थान टैन्ट डीलर किराया व्यवसाय समिति ने भी मुख्यमंत्री को ज्ञापन दिया है जिसमे अनलॉकडाउन-3 पर असहमति व्यक्त करते हुए निर्णय पर फिर से विचार करने तथा कम से कम 100 की अनुमति के साथ समय बढ़ाने की मांग की गई है। ज्ञापन में कहा गया है कि हमारी मांगो को मानवीय आधार पर सरकार को स्वीकार करना चाहिए ताकि कर्ज में डूबे टैन्ट व्यवसायियों को थोड़ी बहुत राहत मिल सके।
वेडिंग इंडस्ट्री डूबने के कगार पर
समिति के प्रदेश चेयरमैन रवि जिंदल ने बताया कि अप्रैल से ही शादी का कारोबार एक तरह से बंद पड़ा है। पिछले साल भी कोरोना के चलते वेडिंग इंडस्ट्री से जुड़े लोगों को करोड़ों का नुकसान हुआ था। इस बार भी बिल्कुल डूबने के कगार पर पहुंच गए हैं।

सावे 18 जुलाई तक ही
अब 18 जुलाई के बाद एक बार फिर से 4 महीने के लिए शादी का सीजन ऑफ हो जाएगा। 18 जुलाई तक केवल चार शादी के मुहूर्त हैं। यदि सरकार इसमें 100 लोगों की अनुमति दे देती है तो थोड़ी बहुत राहत प्रदेश मे वेडिंग इंडस्ट्री से जुड़े 5 लाख कारोबारियों को मिल जाएगी। चार माह बाद तीसरी लहर की आशंका जताई जा रही है तो ऐसे में 4 माह बाद अनुमति मिल पाएगी या नहीं। इसकी भी आशंका बनी हुई है।
अन्य राज्यों में ज्यादा की अनुमति
उन्होंने कहा कि प्रदेश के पड़ोसी राज्यों में शादी में ज्यादा लोगों की अनुमति मिल चुकी है, लेकिन यहां कम लोगों की अनुमति के चलते अब वेडिंग इंडस्ट्रीज का कारोबार पड़ोसी राज्यों की ओर जा रहा है।
रिसोर्ट और गार्डन में फर्क क्यों
रिसोर्ट और गार्डन वालों में अंतर पर भी कारोबारियो को आपत्ति है। उनका कहना है कि कम बजट वाले लोग रिसोर्ट में नहीं जा सकते। ऐसे में संख्या बल का अनुपात अलग-अलग तय करना ही अव्यवहारिक हैं।

रेस्टोरेंट व्यवसाय
रेस्टोरेंट व्यवसायियों का कहना है कि वे कोरोना प्रोटोकॉल की पूरी तरह से पालना के साथ अपना व्यवसाय संचालित करने को तैयार है पर सरकार को छूट का दायरा अब तो बढ़ाना चाहिए, क्योंकि कोरोना के एक्टिव केसों की संख्या भी अब तो इतनी नहीं बची हैं। बहुत से रेस्टोरेंट लीज पर चलते हैं। लॉकडाउन के चलते लाखों रुपए का नुकसान कारोबारियों को पहले ही हो चुका हैं।
