नई दिल्ली : अयोध्या के विकास को लेकर बनाए गए विजन डॉक्युमेंट्स पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में वर्चुअल रिव्यू मीटिंग खत्म हो गई है। इसमें यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, दोनों डिप्टी सीएम केशव मौर्य और दिनेश शर्मा समेत 13 लोग शामिल हुए। प्रधानमंत्री मोदी दिल्ली से, जबकि अन्य मंत्री और अधिकारी सीएम योगी के आवास से मीटिंग में जुड़े। इस मीटिंग से श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को दूर रखा गया है। यह बैठक तकरीबन 45 मिनट चली। इसमें पीएम मोदी ने अधिकारियों को डॉक्यूमेंट्स को लेकर कुछ फीडबैक दिए। इसके साथ ही अधिकारियों ने भी पीएम से सुझाव देने का अनुरोध किया।
योजनाओं को जमीन पर लाने के लिए रणनीति पर चर्चा
बैठक में बजट के अनुसार योजनाओं को जमीन पर लाने और भविष्य के लिए उन्हें तैयार रखने की रणनीति पर चर्चा हुई। इसके लिए केवल प्रदेश सरकार ने ही अकेले 14 हजार करोड़ की योजनाओं को तैयार किया है। केंद्र सरकार की कई योजनाएं भी इस विजन डॉक्यूमेंट्स में शामिल हैं। कई योजनाएं दोनों सरकारों के संयुक्त भागीदारी से जुड़ी हैं।
विधानसभा चुनाव से पहले अयोध्या को चमकाने की है कवायद
उतर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले अयोध्या को चमकाने की कवायद चल रही है। इसके लिए अयोध्या विकास प्राधिकरण की तरफ से मास्टर प्लान तैयार किया गया और केंद्र और राज्य सरकार मिलाकर करीब 20 हजार करोड़ की परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इन्हीं परियोजनाओं की समीक्षा के लिए PM मोदी वर्चुअल मीटिंग बैठक कर रहे हैं।
4 लाख रोजगार और 8 लाख अप्रत्यक्ष नौकरियां देने का दावा
पूरी अयोध्या को आधुनिक पर्यटन सिटी के रूप में विकसित करने के साथ व्यापार रोजगार के संसाधन को उपलब्ध कराने का विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया गया है। इस विजन डॉक्यूमेंट को पांच हजार नागरिकों और 500 पर्यटकों के सुझाव से तैयार किया गया है। विजन डॉक्यूमेंट के तहत 4 लाख रोजगार व 8 लाख अप्रत्यक्ष नौकरियां देने की तैयारी है।
