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मामलों को ठंडे बस्ते में डालने के लिए बनी थी सुलह कमेटी- भंवरलाल शर्मा

जयपुर। कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक तथा पूर्व मंत्री पंडित भंवरलाल शर्मा ने राजस्थान के मसलों को हल करने के लिए बनाई तीन सदस्य हाई पावर कमेटी को लॉलीपॉप देने वाली कमेटी के समान बताते हुए कहा कि ये कमेटी तो सारे मामले को ठंडे बस्ते में डालने के लिए बनाई गई थी। वैसे अब काम हो रहे है। पहले काम नहीं हो रहे थे इसलिए मानेसर गया था।

विधायकों की बयानबाजी पॉलिटिकल स्टंट

शर्मा ने आज पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि वर्तमान में कई विधायकों द्वारा सरकार में कामकाज नहीं होने की शिकायत और बयानबाजी पॉलिटिकल स्टंट से अधिक कुछ नहीं है। इस कोरोनाकाल मे भी मेरे क्षेत्र में बहुत काम हुए हैं।
गहलोत व पायलट दोनों को नेता बताते हुए बोले कि गहलोत को विधायक दल ने नेता चुना हैं वो हमारे सुपर नेता है। सचिन पायलट भी नेता हैं, क्योंकि वे सबको साथ लेकर चलते है। पायलट के मानेसर कैम्प को छोड़ सबसे पहले जयपुर लौटने वाले शर्मा ने मानेसर कैम्प में जाने को लेकर भी सफाई दी और कहा कि उस समय काम नहीं हो रहे थे इसलिए गया था। अब काम हो रहे है। इस बुढापे में ऐसा फैसला नहीं करूंगा जिसका पार्टी को नुकसान हो। नौ जगह है और मंत्री पद के दावेदार ज्यादा हैं, सबको मंत्री नहीं बनाया जा सकता।

राहुल परिपक्व हो गए

राहुल गांधी को लेकर विवादित बयान दे चुके शर्मा अपने पुराने स्टेटमेंट पर भी काफी बदले हुए नजर आए और बोले- राहुल गांधी अब काफी परिपक्व हो गए हैं। उन्होंने राहुल गाँधी को पार्टी अध्यक्ष बनाए जाने की भी मांग की।

किसी गुट से बंधा हुआ नहीं

उन्होंने कहा कि मैं किसी गुट से बंधा हुआ नहीं हूं। आज कोविड (Coronavirus) के हालात है ऐसे में सत्ता संघर्ष नहीं करना चाहिए। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री की तारीफ करते हुए कहा कि सीएम गहलोत (CM Ashok Gehlot) ने कोविड काल में अच्छा काम किया है। ऐसे में मेरी कांग्रेस विधायकों से अपील है कि बिना मतलब की बात नहीं करें।

उस समय गहलोत साथ देते तो मैं सीएम होता

भंवरलाल शर्मा ने कहा-पार्टी में जो वरिष्ठ नेता है उन्हें उनका हक उन्हें मिलना चाहिए। मैंने भी कभी सरकार गिराने की कोशिश की थी लेकिन अशोक गहलोत ने उस वक्त मेरा साथ नहीं दिया, वरना मैं भी सीएम होता। उस बात का मलाल आज भी है।

सियासत की दूसरी लहर जल्द ही ठंडी पड़ जाएगी

शर्मा ने कहा कि सियासत की दूसरी लहर जल्द ही ठंडी पड़ जाएगी। जब किसी मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है तो अपने आप न्याय हो जाता है। गहलोत और पायलट को कमेटी के साथ बैठकर मुद्दे सुलझा लेने चाहिए। इसके साथ ही पार्टी के कुछ नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ छोटे लोग बड़े पदों पर आ गए हैं। वहीं विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि बीजेपी खुद डूब रही है।

बीजेपी वसुंधरा राजे को साइड लाइन कर सत्ता में नहीं आ सकती

वसुंधरा राजे को साइड लाइन करके बीजेपी कभी सत्ता में नहीं आ सकती है। उन्होंने विधायको के फ़ोन टेप होने के आरोपो को भी सिरे से खारिज कर दिया और कहा कि सोलंकी को बताना चाहिए कि किन-किन के फोन टेप हो रहे हैं? उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति सीनियर मोस्ट है उनका सम्मान होना चाहिए। राजेंद्र सिंह गुढ़ा आज राजा नहीं, लेकिन जनतंत्र के राजा है। राजा और पंडित को सोच समझकर निर्णय करना चाहिए। मैं सात बार सोच कर निर्णय करता हूं। उन्होंने ब्राह्मणों के लिए विप्र कल्याण बोर्ड शीघ्र गठित करने की भी मांग की।

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