जयपुर: पश्चिमी राजस्थान की जीवनरेखा इंदिरागांधी नहर में पंजाब की फैक्टरियों से आ रहे दूषित काले पानी, केमिकल के खिलाफ आज देश भर में मरुसेना संगठन की टीम द्वारा ट्वीटर के जरिये हैशटैग ट्रेंड करवाया गया और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी,केंद्रीय जल संसाधन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत व राजस्थान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को डिजिटल ज्ञापन भेजा गया।

मरुसेना अध्यक्ष जयन्तमूण्ड ने कहा कि इंदिरा गांधी नहर से मरुप्रदेश के 09 जिलों में पेयजल के लिए पानी की आपूर्ति की जाती है। श्रीगंगानगर,हनुमानगढ,चुरू, नागौर,बीकानेर,झुन्झुनू,बाड़मेर, जैसलमेर व जोधपुर शामिल है। यहां के वाशिन्दे पेयजल पानी में जहर पी रहे है वही सिचाई में भी यही पानी से खेत खराब हो रहे है।
This is ghaghar dariyan near my village at the border Haryana touched punjab.
If we are going back in history it is the one source of water for drinking and irrigation people were used. Now, it is polluted badly and not usable for drinking water. #नहर_में_जहर pic.twitter.com/1Z9RitVHsY— Neel Kamal (@NeelKam71287835) June 11, 2021
राजस्थान व पंजाब में कांग्रेस सरकार होने के बावजूद
मरुप्रदेश की नहरों के काले दूषित पानी में फैक्ट्रियों का अपशिष्ट होने से कीटाणु,केमिकल्स आते हैं। यह पानी पीने से पीलिया,किडनी,लीवर फेल्योर हो सकता है। लंबे समय तक ये पानी पीने से दिमाग के मस्तिष्क पर प्रभाव पड़ता है। इससे व्यक्ति निर्णय करने की क्षमता खो देता है। इसको लेकर आज ट्विटर के जरिये आंदोलन किया गया व ईमेल जरिये ज्ञापन भी भेजे गए है। मूण्ड ने बताया कि सिचाई के साथ साथ शेखावाटी व मारवाड़ में इसी नहरी पानी का प्रयोग पीने के लिए भी काम आ रहा है।
इसको लेकर लगातार कई वर्षों से आंदोलन भी किया जा रहा है व नेशनल ग्रीन ट्रिब्यून में याचिका के बाद पंजाब सरकार पर 50 करोड़ का जुर्माना व फैक्टरियों को निर्देश भी दिए गए लेकिन अभी फिर काला केमिकल युक्त पानी नहरों में आ रहा है। राजस्थान व पंजाब में कांग्रेस सरकार होने के बावजूद इस गंभीर मुद्दे पर सरकारों का ध्यान नही है।
