जयपुर। राजस्थान मंत्रिमंडल की बैठक में कल रात नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के बीच हुई तू तू मैं मैं की ही तरह गरमा गर्मी उद्योग मंत्री परसादीलाल मीणा और परिवहन मंत्री प्रताप सिंह के बीच भी हुई थी।
परसादी ने जयपुर के जनाजे का मामला उठाया तो बिफर पड़े प्रताप
परसादीलाल ने अभी हाल में जयपुर के रामगंज में एक जनाजे में एकत्र भीड़ का मामला उठाते हुए कहा कि विधायक रफीक खान को इसमें नहीं जाना चाहिए था। इससे सरकार की छवि धूमिल हुई है। कानून तो सबके लिए बराबर ही लागू होने चाहिए। उनके इतना कहते ही परिवहन मंत्री प्रताप सिंह बीच मे ही कूद पड़े और बोले, विधायक रफीक खान जनप्रतिनिधि है जाएगा नहीं क्या अपने क्षेत्र में। आप पुलिस वालों की तरफदारी करना बंद कीजिए। इन दोनों मंत्रियों को भी बैठक में मौजूद अन्य मंत्रियों ने बड़ी मुश्किल से शांत किया।
राजनीतिक गलियारों में दिनभर रही चर्चा
दोनों मंत्री जयपुर में एक जनाजे एकत्र भीड़ के मामले में भिड़ने की इस घटना की भी चर्चा राजनीतिक गलियारों में दिनभर रही। मंत्रियों के इन झगड़ों ने कांग्रेस की लड़ाई को एक बार फिर से सड़कों पर ला दिया। उसी को देखते हुए डेमेज कन्ट्रोल की कोशिश की जा रही है।
ये भी पढ़े : मंत्रिमण्डल बैठक में धारीवाल-डोटासरा भिड़े, एक दूसरे को देख लेने तक की धमकी दे डाली
धारीवाल मिले गहलोत से,डोटासरा ने दूरी ही बनाये रखी
इस बीच मंत्री शांति धारीवाल आज मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मिले हालांकि धारीवाल जोधपुर के एक वर्चुअल कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। सम्भवतः उसी दौरान कल हुई तकरार पर भी चर्चा हुई। कल सीएमआर में बैठक के बावजूद सीएम किसी से मिले नहीं थे। लिहाजा आज ही चर्चा का मौका मिला। सीएम व धारीवाल के बीच बातचीत का यूं तो कोई ब्यौरा आधिकारिक रूप से नहीं मिल पाया लेकिन माना जा रहा है कि सीएम ने धारीवाल से कल के घटनाक्रम पर शांत रहने को कहा हैं। दूसरी तरह प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने मीडिया से दूरी ही बनाये रखी।
भाजपा ने भी मंत्रियों की लड़ाई पर निशाना साधा
उधर, प्रतिपक्ष के नेताओं खासकर भाजपा नेताओ गुलाबचंद कटारिया, राजेन्द्र सिंह राठौड़ , वासुदेव देवनानी आदि नेताओं ने कांग्रेस के दो मंत्रियों के आलस में भिड़ने पर अपनी प्रतिक्रिया दी। प्रतिपक्ष के नेता गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि ये सरकार भरभरा कर कभी भी गिर सकती हैं। उप नेता राजेन्द्र राठौड़ ने कहा कि डोटासरा को वरिष्ठ तथा संसदीय कार्य मंत्री का सम्मान करना चाहिए था। उन्होंने कहा कि ये वैसे कांग्रेस की अंदरूनी कलह का मामला है। आपसी फूट शांत नहीं होने वाली। पूर्वमंत्री वासुदेव देवनानी, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने भी मंत्रियों की लड़ाई पर निशाना साधा।
ये भी पढ़े : ‘पिक्चर अभी बाकी हैं…’ डोटासरा-धारीवाल की तू तू मैं मैं पर ले रहे हैं प्रतिपक्ष के नेता चुटकी
