जयपुर। पीएचडी चैम्बर राजस्थान चैप्टर की ओर से आयोजित एक वेबिनार में कोरोना की संभावित तीसरी लहर से निपटने हेतु स्वास्थ्य विभाग, रीको, हैल्थकेयर सेक्टर, फार्मा, मेडिकल डिवाइसेस इत्यादि सेक्टर्स के शीर्ष उद्योगपतियों के साथ विस्तृत चर्चा की गई।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को गोद लेने में आये आगे
वेबिनार में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए मिशन डायरेक्टर, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन सुधीर शर्मा ने वर्तमान स्थिति से निपटने के लिए सरकार की ओर से किये जाने वाले प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए सरकार प्रयत्नशील है तथा इस सन्दर्भ में उन्होंने उद्योग जगत के लोग भी ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित विभिन्न सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को गोद लेने में आगे आये।
पीएचडी चैम्बर के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने कोरोना की स्थिति को सफलतापूर्वक नियंत्रित करने में राज्य सरकार एवं अधिकारी वर्ग के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि आने वाले समय में हमारी स्वास्थ्य सम्बन्धी सेवाओं की तैयारी ऐसी हो कि कोरोना की तीसरी लहर के प्रभावों को निष्क्रिय किया जा सके तथा उद्योग सुचारु रूप से काम करते रहे ताकि आर्थिक नुकसान को कम से कम रखने में सफल हो सके।
स्वास्थ्य केंद्रों को बड़े अस्पतालों से जोड़ने की आवश्यकता पर दिया बल
महात्मा गाँधी हॉस्पिटल के प्रबंध निदेशक एवं अध्यक्ष, एसोसिएशन ऑफ़ हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स, राजस्थान चैप्टर डॉ. विकास स्वर्णकार ने संभावित कोरोना की तीसरी लहर से प्रभावों को निष्क्रिय करने के लिए आवयशक दवाओं एवं वैक्सीन के प्रचुर भण्डारण, जीवन रक्षक उपकरणों विशेष रूप से वेंटिलेटर के उत्पादन को बढ़ाने और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सम्बन्धी ढाँचे को मजबूत करने की महत्ता पर प्रकाश डाला।
डॉ. स्वर्णकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को बड़े अस्पतालों से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया ताकि गंभीर मरीजों को वहां भेजा जा सके। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में सभी वेंटिलेटर में पीडियाट्रिक मोड की सुविधा समावेशित करने की आवश्यकता है। इस दौरान पीएचडी चैम्बर राजस्थान के अध्यक्ष दिग्विजय ढाबरिया, अमित चौधरी,विनोद कालानी, एन.के. जैन, जोधपुर, रीको के दिनेश पहाड़िया, विश्वास जैन, सुनील दत्त गोयल आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
