- सरकार के कोरोना की चेन तोड़ने के दावे फ़ैल
- दो हजार से ज्यादा चयनित CHO को एक ही दिन में ज्वाइनिंग के लिए बुलाया
जयपुर: राजधानी जयपुर में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के कार्यालय में बुधवार को प्रदेश में चल रहे सख्त लॉकडाउन की गाइडलाइन मजाक बनकर रह गई। एक तरफ मुख्यमंत्री और चिकित्सा मंत्री कोरोना महामारी की दूसरी लहर खतरनाक बताते हुए लोगों से घरों में रहने की अपील कर रहे हैं और इसी बीच चिकित्सा विभाग ने पुख्ता इंतजाम किए बिना जयपुर संभाग के लिए चयनित हुए करीब ढाई हजार कम्युनिटी स्वास्थ्य अधिकारी (CHO) को ज्वाइनिंग के लिए बुला लिया।
इस बीच सुबह 9 बजे से सभी चयनित प्रदेश के दूर दराज के हिस्सों से ज्वाइनिंग करने अपने परिजनों के साथ आदर्श नगर में सेठी कॉलोनी स्थित सीएमएचओ ऑफिस पहुंचे। वहां अपनी उपस्थिति दर्ज करवाने के लिए ज्वाइनिंग के लिए आवश्यक दस्तावेज जमा करवाने के लिए पहुंचे तो लॉकडाउन और कोरोना गाइडलाइन के नियमों की जमकर धज्जियां उड़ी।

सीएमएचओ ऑफिस के बाहर काफी संख्या में वाहनों के इकट्ठा होने से सड़क पर जाम लग गया। गाड़ियों की लंबी लाइने लग गई। ऐसे में लग रहा था, मानो वहां कोरोना बांटने के लिए चयनितों को इकट्ठा किया गया हो। यहां प्रदेश के करीब आठ से 10 जिलों के चयनित पहुंचे थे।
चयनितों की सूची आदेश जारी होने के तीन दिन के भीतर ज्वाइनिंग के लिए संबंधित संभाग में दस्तावेज जमा करवाने पहुंचना था। लेकिन यहां कोरोना गाइडलाइंस को देखते हुए कोई पुख्ता व्यवस्था नहीं गई। ना कोई टैंट लगाए। ना पानी की कोई व्यवस्था थी। ना हीं सोशल डिस्टेंसिंग की कड़ाई से पालना करवाई गई।
तीन दिन पहले चिकित्सा मंत्री ने जारी की थी सूची
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन निदेशालय ने लंबे अरसे से अटकी संविदा सीएचओ(CHO) भर्ती-2020 के अंतर्गत 7,353 चयनितों की चयन सूची रविवार को जारी की थी। एनआरएचएम ने संविदा सीएचओ (सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी) भर्ती-2020 के लिए 7810 पदों की विज्ञप्ति जारी की गई थी। जिन्हें दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया के बाद जल्द ही परिणाम जारी किया जाएगा। चिकित्सा मंत्री ने कहा कि ये संविदा सीएचओ चयनित अभ्यर्थी मूल रूप से प्रशिक्षित नर्सिंग कर्मी एवं आयुर्वेद चिकित्सक हैं और कोरोना महामारी और चिकित्सा कर्मियों की आवश्यकता को देखते हुए इन्हें तत्काल फील्ड में भेजा जा रहा है।
