पटना: बिहार में कोरोना के बीच एंबुलेंस विवाद से सियासत गर्माई हुई है। पूर्व केंद्रीय मंत्री व बिहार के सारण क्षेत्र से लोकसभा सदस्य राजीव प्रताप रूडी पर पूर्व सांसद पप्पू यादव ने जनसंसाधनों के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। उन्होंने एक वीडियो जारी कर आरोप लगाया कि मरीजों को एंबुलेंस नहीं मिल रही हैं और सांसद कोटे से खरीदी गई एंबुलेंस में बालू ढोई जा रही है। यादव ने एक जगह दो दर्जन एंबुलेंस बिना इस्तेमाल के खड़ी होने का भी दावा किया। उन्होंने ट्वीट कर मामले में पीएम से शिकायत की है। वहीं रूडी ने अपना बचाव करते हुए कहा कि कोविड महामारी के कारण ड्राइवर नहीं मिलने से एंबुलेंस रखी हुई थी।
एम्बुलेंस का राजीव प्रताप रूडी जी बालू ढोने में बहुत बेहतरीन उपयोग कर रहे थे। इसके लिए उनके पास ड्राइवर भी उपलब्ध था।
लेकिन बीमारों की मदद के लिए एम्बुलेंस चलाने के लिए ड्राइवर नहीं था। @RajivPratapRudy @PMOIndia pic.twitter.com/IoCgG020ZC
— Pappu Yadav (@pappuyadavjapl) May 8, 2021
एंबुलेंस में बालू की बोरियां भरी जा रहीं
वीडियो में दिखाई दे रहा है कि एक एंबुलेंस खड़ी है। इस पर राजीव प्रताप रूडी लिखा हुआ है। एंबुलेंस के ठीक पीछे बुलेट बाइक खड़ी है और पास में ही बालू का ढेर है। बालू की बोरियां एंबुलेंस में लादी जा रही हैं। तीन लोग मिलकर बालू को एंबुलेंस में लोड कर रहे हैं जबकि दो लोग पीछे से बालू को एंबुलेंस में लोड कराने में मदद कर रहे हैं।
बीजेपी के पूर्व केंद्रीय मंत्री राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव प्रताप रूडी जी के अमनौर स्थित कार्यालय परिसर में दर्जनों एम्बुलेंस बरामद! सांसद विकास निधि से खरीदा गया एम्बुलेंस किसके निर्देश पर यहां छिपाकर रखा गया है, इसकी जांच हो?
सारण डीएम, सिविल सर्जन यह बताएं! BJP जवाब दे! pic.twitter.com/y0SnSJd36t
— Pappu Yadav (@pappuyadavjapl) May 7, 2021
एंबुलेंस का विवाद
छपरा के अमनौर में विश्व प्रभा सामुदायिक केंद्र परिसर में दो दर्जन एंबुलेंस खड़ी हुई थीं। इन्हें ढंक कर रखा गया था। यह छपरा के BJP सांसद राजीव प्रताप रुडी का गांव है। पूर्व सांसद पप्पू यादव ने शुक्रवार को इन एंबुलेंस से कवर हटाया था। उन्होंने इसका वीडियो भी पोस्ट किया था। यादव ने कहा था कि सांसद फंड (MPLADS) की दर्जनों एंबुलेंस यहां क्यों खड़ी हैं? इसकी जांच होनी चाहिए।
रुडी की सफाई- ड्राइवरों ने काम छोड़ा
सांसद राजीव प्रताप रुडी ने यादव के आरोपों का खंडन करते हुए कहा था कि छपरा जिला में करीब 80 एंबुलेंस है। अभी इसमें से 50 चल रही हैं। कई जगह पंचायतों में चलने वाली एंबुलेंस के ड्राइवरों ने काम छोड़ दिया था। इस वजह से बची हुई एंबुलेंस को खड़ा किया गया है। उन्होंने कहा था कि पप्पू यादव कोविड के दौरान ड्राइवर लेकर आएं और एंबुलेंस चलवाएं।
