- मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर दी स्वयं जानकारी, कहा-3000 करोड़ का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा
- गहलोत बोले, केंद्र को खर्च करना चाहिए था यह वित्तीय भार भी
जयपुर / राजस्थान के COVID-19 अस्पतालों का बहुत सहायक लिंक लाइव बिस्तर उपलब्धता डेटा अब राजस्थान सरकार के पोर्टल पर हेल्पलाइन नंबरों के साथ उपलब्ध है – covidinfo.rajasthan.gov.in
जयपुर। राजस्थान सरकार ने प्रदेश के 18 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के सभी लोगों को निशुल्क कोविड वैक्सीन लगाने का फैसला किया है। 18 से 45 वर्ष तक उम्र वालो के टीकाकरण पर लगभग 3000 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च होगी। नि:शुल्क कोविड वैक्सीन लगाने के फैसला की जानकारी स्वयं मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट कर दी, गहलोत ने हालांकि ट्वीट में कहा है कि यह बेहतर होता कि राज्य सरकारों की मांग के अनुसार भारत सरकार 60 वर्ष एवं 45 वर्ष से अधिक आयुवर्ग की तरह ही 18 वर्ष से 45 वर्ष तक की आयु के युवाओं के वैक्सीनेशन का खर्च भी उठा लेती तो राज्यों का बजट डिस्टर्ब नहीं होता। 18 से 45 वर्ष तक की आयु तक के लोगों को नि:शुल्क वैक्सीनेशन लेकर केंद्र व राज्य सरकार में झगड़ा बना हुआ था।
यह बेहतर होता कि राज्य सरकारों की मांग के अनुसार भारत सरकार 60 वर्ष एवं 45 वर्ष से अधिक आयुवर्ग की तरह ही 18 वर्ष से 45 वर्ष तक की आयु के युवाओं के वैक्सीनेशन का खर्च भी उठा लेती तो राज्यों का बजट डिस्टर्ब नहीं होता।
— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) April 25, 2021
गहलोत सरकार जोर दे रही थी कि यह वैक्सीनेशन का खर्च भी केंद्र ही वहन करें ताकि कोरोना के संक्रमण काल में राज्य सरकारों पर अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़े। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने नि:शुल्क कोविड वैक्सीनेशन की अपनी इस मांग को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भी लिखा था तथा प्रधानमंत्री के साथ मुख्यमंत्रियों की बैठक में भी इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया था। कांग्रेस पार्टी संगठन की ओर से भी लगातार यहीं मांग की जा रही थी। राजस्थान के पूर्व डिप्टी चीफ मिनिस्टर सचिन पायलट, चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और शिक्षा मंत्री गोविंद डोटासरा और सरकारी मुख्य सचेतक महेश जोशी भी विभिन्न मंचों के माध्यम से केंद्र सरकार से नि:शुल्क वैक्सीनेशन की मांग की थी।
इस बीच 18 से 45 वर्ष तक की आयु वाले लोगों का 1 मई से टीकाकरण होना है और उसके लिए 28 अप्रेल से रजिस्टे्रशन की बात कही गई थी, लेकिन राज्य सरकार की ओर से नि:शुल्क वैक्सीनेशन के देरी से किए गए फैसले के चलते राज्य में 18 से 45 वालों का वैक्सीनेशन वाला तीसरा चरण देरी से शुरू होने की संभावना है। क्योंकि अभी तक राज्य सरकार की ओर से वैक्सीन की खरीद अपने स्तर पर नहीं की गई है। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि देश के 11 राज्य नि:शुल्क वैक्सीनेशन का फैसला पहले ही अपने स्तर पर ले चुके थे और राजस्थान में भी उम्मीद की जा रही थी कि केंद्र या राज्य स्तर पर नि:शुल्क कोविड वैक्सीनेशन का फैसला होगा।
गहलोत ने कहा कि राजस्थान में निशुल्क दवा एवं जांच योजना के साथ तथा चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा जैसी निशुल्क इलाज की योजनाएं चलाई जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा की एक ही वैक्सीन की राज्य और केन्द्र से भिन्न-भिन्न कीमत लिया जाना न्यायोचित नहीं है। इसके लिए केन्द्र सरकार को निजी वैक्सीन कंपनियों से बात कर वैक्सीन की कीमत कम करवानी चाहिए।
श्री गहलोत ने कहा कि मीडिया रिपोर्ट्स से पता चला है कि वैक्सीन निर्माता कंपनियों द्वारा यूरोपीय संघ के देशों के साथ-साथ ब्रिटेन, ब्राजील, बांग्लादेश, अमेरिका, दक्षिणी अफ्रीका एवं सऊदी अरब आदि को वैक्सीन भारत से कम कीमत पर उपलब्ध करवाई जा रही है। कंपनियों द्वारा देश में वैक्सीन की अधिक कीमत वसूल करना तर्कसंगत भी प्रतीत नहीं होता है, इसलिए वैक्सीन कंपनियों को केन्द्र द्वारा निर्देशित कर वैक्सीन की कीमत कम करवानी चाहिए।
