नई दिल्ली। भारत की 26 वर्षीय वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ( Weightlifter Mirabai Chanu) ने शनिवार को टोक्यो ओलंपिक (Tokyo Olympics 2020) में वेटलिफ्टिंग में देश के लिए पहला सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है। टोक्यो ओलंपिक (Tokyo Olympics) में शनिवार को गोल्ड मेडल जीतने वाली चीन की वेटलिफ्टर झीहुई होऊ का डोपिंग रोधी अधिकारियों द्वारा परीक्षण किया जाएगा।
यदि वह परीक्षण में विफल रहती हैं तो भारत की मीराबाई चानू को गोल्ड मेडल से सम्मानित किया जाएगा। डोपिंग रोधी अधिकारियो ने होऊ को टोक्यो में रहने के लिए कहा है और उनका परीक्षण किया जाएगा। परीक्षण निश्चित रूप से होने वाला है। चीन के झीहुई होउ ने शनिवार को कुल 210 किग्रा का भार उठाकर गोल्ड मेडल जीता था और एक नया ओलंपिक रिकॉर्ड बनाया था।
ये है डोप टेस्ट के ओलिंपिक में नियम
Olympics के नियम यह कहते हैं, यदि कोई एथलीट डोपिंग टेस्ट में फेल हो जाता है, तो सिल्वर जीतने वाले एथलीट को गोल्ड से सम्मानित किया जाएगा। मीराबाई चानू ने शनिवार को टोक्यो इंटरनेशनल फोरम में महिलाओं के 49 किग्रा वर्ग में सिल्वर मेडल जीतकर भारत को पहला पदक दिलाया था।
