अलवर: अलवर जिले के शाहजहांपुर बॉर्डर पर भाजपा के पूर्व विधायक और सैनिक कल्याण बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष प्रेमसिंह बाजौर पर शाहजहांपुर- हरियाणा बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे किसानों ने हमला कर दिया। बाजौर की फॉर्च्यूनर गाड़ी के कांच भी तोड़ दिए। बाजौर ने कहा कि बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे किसान नहीं हैं, नशे में बैठे लोग हैं। शाहजहांपुर-हरियाणा बॉर्डर पर यह वारदात रविवार शाम को हुई। प्रेम सिंह बाजौर निजी काम से दिल्ली जा रहे थे। शाहजहांपुर बॉर्डर पर उनकी गाड़ी धीरे-धीरे चल रही थी। उसके साथ ड्राइवर मनोज सिंह और पीए छोटेलाल मौजूद थे। प्रेमसिंह बाजौर ने बताया कि उनकी गाड़ी जाम में धीरे-धीरे चल रही थी। किसानों के पास से गाड़ी गुजर रही थी, इतने में उन लोगों ने बैरिकेड लगा दिए। इसके बाद भाजपा गो बैक, भाजपा गौ बैक के नारे लगाने लगे। उन्होंने किसानों को टोका तो उन पर हमला कर दिया। बाजौर ने कहा कि मुझे लगता है कि यह किसान नहीं है। शराब, गांजा या दूसरे नशें में बैठे लोग हैं।
उन्होंने कहा कि मैंने इस घटना की जानकारी भाजपा के नेताओं को दी है और पार्टी जो भी निर्देश देगी मैं ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करूंगा। उन्होंने कहा कि किसानों के धरना स्थल पर आवारा तत्व के युवक एकत्रित है जोकि ऐसी गलत वारदात कर रहे हैं । उन्होंने कहा कि मैं किसानों का हमेशा आदर करता हूं और मेरी समझ में नहीं आ रहा कि उन्हें बदनाम करने के लिए ऐसे युवकों को धरना स्थल पर क्यों शरण दे रखी है। घटना के आधे घंटे बाद थानाधिकारी विक्रम चौधरी पहुंचे और उन्होंने मामले की जानकारी प्राप्त की। पुलिस ने इस मामले में अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया है।
इस मामले की भाजपा के नेताओं ने निंदा की है और कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। सैनिक कल्याण बोर्ड के पूर्व चेयरमैन व पूर्व विधायक प्रेम सिंह बाजोर के साथ दिल्ली बॉर्डर पर किसानों द्वारा की गई मारपीट और जानलेवा हमले करने पर भाजपा जिला अध्यक्ष इंदिरा चौधरी ने कड़ा विरोध दर्ज करवाया है और कड़ी शब्दों में निंदा भी की है। उन्होंने कहा कि भाजपा के कद्दावर नेता प्रेम सिंह बाजोर पर किसानों के रूप में बैठे बदमाशों ने जानलेवा हमला कर अपनी गलत मानसिकता को दर्शाया है। सीकर किसान मोर्चा के जगदीश ओला, भाजपा के जिला उपाध्यक्ष राजकुमार जोशी और पंचायत समिति सदस्य गजानंद कुमावत और सांवरमल ने दोषी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की।

