नई दिल्ली : पाली सांसद एवं पूर्व केन्द्रीय राज्य मंत्री पी पी चौधरी ने गुरुवार को लोकसभा में नियम 377 के तहत पाली जिले में मेगा टेक्सटाइल पार्क की स्थापना को लेकर केन्द्र सरकार का ध्यान खींचा। सांसद पीपी चौधरी पाली में मेगा टेक्सटाइल पार्क की स्थापना को लेकर पाली एक बार फिर सक्रिय हो गए है। सांसद ने पाली जिले में कपड़ा उद्योग के सदियों पुराने इतिहास और वर्तमान में पार्क के लिए उपलब्ध सुविधाओं और विशेषताओं को रखते हुए कहा कि पाली शहर विश्वभर में कपड़ा नगरी के रूप में ख्याति प्राप्त है।
टेक्सटाईल उद्योग की जन्मस्थली पाली
उन्होंने कहा कि प्रदेश में टेक्सटाईल उद्योग की जन्मस्थली पाली में सन् 1940 से टेक्सटाईल के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है। सन् 1942 में प्रदेश की सबसे बड़ी कपड़े की मील भी पाली में स्थापित की गई थी। वर्ष 2004 में कपड़ा क्षेत्र में मशीनों का विस्तारीकरण हुआ। उसके बाद विगत 16 वर्षों से अधिक पाली ने कपड़ा नगरी के रूप में अपनी ख्याति को बनाया रखा है। मेगा टेक्सटाईल पार्क की आवश्यकताओं के रूप में पाली में कपड़ा उद्योग से जुड़ी 800 से अधिक फैक्ट्रियां है। वहीं जोधपुर संभाग में पाली एकमात्र जिला है, जिसमें से 7 राष्ट्रीय राजमार्ग होकर निकलते हैं। मुंबई-दिल्ली के बीच 1483 किमी. लंबा डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के अलावा डीएमआईसी प्रोजेक्ट भी प्रक्रिया है। इन दोनों अति महत्वपूर्ण प्रोजेक्टस् के माध्यम से कपड़ा उद्योग से संबंधित कच्चा एव उत्पादित माल की आवाजाही में सुगमता होगी।
सांसद चौधरी ने सदन के माध्यम से सरकार को बताया कि वर्तमान में पाली से कॉटन सलवार, सूट, कुर्ती, नाईटी, गमछा, दुपट्टा, रूबिया, साड़ी, फॉल आदि का निर्माण कर रहा है। इन उत्पादों की महाराष्ट्र, बिहार, कोलकाता, उत्तरप्रदेश, आसाम, मध्यप्रदेश, पंजाब व दक्षिण भारत आदि हिस्सों में आपूर्ति कर रहा है। वर्षों से कपड़े का काम कर रही कपड़ा नगरी पाली में कपड़ा उद्योग से जुड़ी सभी इकाईयों के लिए भी कुशल श्रमिकों की सुगम उपलब्धता हमेशा रहती है। वर्तमान में पाली के करीब 40 हजार लोग कपड़े की ईकाईयों से रोजगार प्राप्त कर रहे हैं।
पाली में नया मेगा टेक्सटाईल पार्क
सांसद ने पाली में उद्योगों से निकलने वाले अपशिष्ट जल को पुनः प्रयोग में लाने के लिए केन्द्र सरकार के सहायोग से सी.ई.टी.पी. का अपग्रेडेशन हाल ही में किया गया है। यदि पाली में नया मेगा टेक्सटाईल पार्क स्वीकृत किया जाता है, तो उस क्षेत्र को सी.ई.टी.पी. से जोड़कर प्रदुषण को रोकने में की काफी सफलता मिल सकेगी। इसके अतिरिक्त पाली में सरकार भूमि वृहद रूप में उपलब्ध है, टेक्सटाइल पार्क के लिए अनुमानित 1000 एकड़ भूमि की आवश्यकता है, जो कि पाली जिले में आसानी से उपलब्ध हो सकेगी। सांसद चौधरी ने कहा कि पाली की कपड़ा उद्योग को लेकर सभी विशिष्टताओं का उल्लेख करने के बाद कहा कि इस तरह देखा जाए तो कपड़ा नगरी में विख्यात पाली में मेगा टेक्सटाईल पार्क होने से देशभर में ही नहीं अपितु विश्व में राजस्थान कपड़ा क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करेगा और रोजगार के क्षेत्र में भी प्रदेशवासियों को बड़ी राहत प्रदान करेगा।
पूर्व में भी कई बार कर चुके प्रयास
पाली सांसद पीपी चौधरी ने मोदी सरकार द्वारा बजट-2021 के तहत देशभर में मेगा टेक्टटाइल पार्कों की स्थापना को लेकर हुई घोषणा के बाद जिले में मेगा टेक्सटाईल पार्क की स्थापना को लेकर काफी सक्रिय रहे है। तत्कालीन कपड़ा मंत्री श्रीमती स्मृति ईरानी से मिलकर तो वहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर पार्क की मांग रखी। राजस्थान के मुख्यमंत्री को भी पत्राचार के द्वारा पाली में पार्क स्थापना की प्रचुर संभावनाओं का उल्लेख करते हुए केन्द्र को प्रस्ताव भेजने के लिए अपनी मांग रख चुके हैं।
