जयपुर: रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध का राजस्थान के लोगों की जेब पर भी असर होगा। पेट्रोल-डीजल-गैस के साथ सोना, कोयला और बिजली भी महंगे होंगे। युद्ध का भारत समेत राजस्थान में असर दिखना शुरू भी हो गया है। हाल ही 1 मार्च 2022 से पेट्रोलियम कम्पनियों ने कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के भाव 105 रुपए बढ़ाए हैं। जयपुर में कॉमर्शियल सिलेंडर 2026.50 रुपए बिक रहा है। जबकि घरेलू गैस सिलेंडर के भाव फिलहाल 903.50 रुपए चल रहे हैं। जिसमें 300 रुपए तक की बढ़ोतरी हो सकती है।
एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स फेडरेशन ऑफ राजस्थान के महासचिव कार्तिकेय गौड़ ने दैनिक भास्कर से बातचीत में बताया कि रूस-यूक्रेन युद्ध से पहले 23 फरवरी को क्रूड के भाव 78 डॉलर प्रति बैरल थे। आज वह 125.7 डॉलर प्रति बैरल हो चुके हैं। भारत में सऊदी अरब, ईरान, यूक्रेन, रूस से क्रूड आता है। युद्ध का पैनिक और क्रूड के भाव बढ़ने के कारण पेट्रोलियम और गैस महंगे होंगे। घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर में भी 300 रुपए तक बढ़ने की आशंका है। क्योंकि गैस कम्पनियों का आंतरिक रिपोर्ट है उन्हें प्रति सिलेंडर इतना लॉस हो रहा है।
गौड़ ने बताया कि पेट्रोल और डीजल दोनों के भावों में 20 से 25 रुपए लीटर तक बढ़ोतरी की सम्भावना है। जिससे लोगों, व्यापारियों और पेट्रोलियम कम्पनियों में अफरा-तफरी का माहौल है। फिलहाल पेट्रोलियम डीलर्स को पेट्रोल की सामान्य सप्लाई मिल रही है। लेकिन डीजल HPCL और BPCL दोनों बड़ी कम्पनियां राजस्थान में डिमांड के मुताबिक सप्लाई नहीं दे पा रही हैं। जयपुर के पास जोबनेर में भारत पेट्रोलियम का बड़ा डिपो जयपुर समेत एक चौथाई राजस्थान कवर करता है। HPCL का बगरू में बड़ा प्लांट है। दोनों ने डिमांड जितना डीजल देने से हाथ खड़े कर दिए हैं। डीजल एग्रीकल्चर, ट्रांसपोर्टेशन और इंडस्ट्री तीनों में लगता है। सभी जगह स्टोरेज शुरू हो गया है।

