ग्रेटर नगर निगम की पूर्व मेयर सौम्या गुर्जर को सुप्रीम कोर्ट से मिली अंतरिम राहत

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सौम्या गुर्जर

जयपुर : सुप्रीम कोर्ट से ग्रेटर नगर निगम की पूर्व मेयर डॉ.सौम्या गुर्जर अंतरिम राहत मिल गई है। उन्हें राजस्थान हाई कोर्ट के निर्णय पर स्टे मिल गया है। ये आदेश न्यायिक जांच पूरी होने तक प्रभावी रहेगा। ये खबर प्रदेश की मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा के लिए खुशी का सबब बन गई है। पार्टी पिछले साल मेयर समेत 3 पार्षदों के निलंबन को लगातार गलत ठहरा रही थी और इसकी लड़ाई लड़ रही थी। इस पूरे मामले में अतिरिक्त महाधिवक्ता डॉ.मनीष सिंघवी ने राजस्थान सरकार की तरफ़ से पक्ष रखा। वहीं डॉ.सौम्या की तरफ से अधिवक्ता अमन ने दलीलें रखी। इस मामले की सुनवाई जस्टिस संजय किशन कौल, जस्टिस एमएम सुंदरेष की खंडपीठ ने की।

इधर पूरे मामले पर सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद सौम्या गुर्जर का बयान सामने आया है। सौम्या गुर्जर ने कहां कि सत्य की जीत हुई है। आज का दिन खास और कोर्ट से खुशी भी आज मिली है। सौम्या गुर्जर ने कहा कि आदेश की कॉपी आने के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी। कोर्ट के फैसले के बाद सौम्या गुर्जर अपने घर से कैलादेवी के दर्शन के लिए चली गई। सौम्या गुर्जर के आवास के बाहर समर्थकों में जश्न का माहौल है। बीजेपी कार्यकर्ता ढोल बजाकर जश्न मना रहे हैं।

आपको बता दें कि राज्य सरकार ने 6 जून को सौम्या गुर्जर को मेयर पद से और अन्य तीन पार्षदों को आयुक्त यज्ञमित्र सिंह देव के साथ हुए विवाद के बाद निलंबित कर दिया था। इस निलंबन के बाद राज्य सरकार ने इस पूरे प्रकरण की न्यायिक जांच भी शुरू करवा दी। सरकार के निलंबन के फैसले को सौम्या गुर्जर ने राजस्थान हाईकोर्ट में चुनौती दी थी और फिर मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था। इधर राज्य सरकार ने कार्यवाहक मेयर शील धाबाई के कार्यकाल को दूसरी बार बढ़ाया दिया गया है। इससे पहले अगस्त में सरकार ने आदेश जारी करके हुए 60 दिन के लिए कार्यकाल बढ़ाया था।

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