जयपुर। राजस्थान में कांग्रेस की राजनीति ने अलग ही रंग जमा लिया है। लगता है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत(CM Ashok Gehlot) और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट (Sachin Pilot) का धड़ा दोनों ही रूकने का नाम नहीं ले रहे। आज दिन में पहले पंडित भंवरलाल शर्मा तथा बाद में बीएसपी (BSP) विधायकों ने सीएम अशोक गहलोत की तरफदारी करते हुए अपनी बात रखी तो शाम को पायलट गुट से विधायक राकेश पारीक और मुकेश भाकर ने मीडिया से बात की और कहा कि सचिन पायलट कांग्रेस कार्यकर्ताओं के आत्मसम्मान की बात उठा रहे हैं तो इसमें पार्टी विरोधी क्या हैं?
वे जो कुछ भी कह रहे है वह सही ही तो है जब दस माह पहले जो वादा किया था वह पूरा होना चाहिए। दोनों विधायक बसपा विधायकों पर भी खूब बरसे और कहा कि वे हमे अनुशासन का पाठ पढ़ाएंगे जो दूसरे दलों को छोड़ बसपा में गए और वहां से कांग्रेस में आए। गद्दार वो या हम जो पार्टी फोरम पर अपनी बात रख रहे हैं।
कांग्रेस का इतिहास तक पता नहीं, वे कांग्रेस की क्या बात करेंगे
पारीक ने अपने को तीन पीढ़ी से कांग्रेस का सिपाही बताते हुए कहा कि हम लोग अगर कार्यकर्ता के लिए नहीं लड़ेंगे तो फिर कौन लड़ेगा। उन्होंने बीएसपी विधायकों की ओर से पहले हक जताने की मांग को खारिज करते हुए कहा कि जब वे बिना शर्त कांग्रेस में आए थे तो फिर उनके पेट में दर्द काहें का हो रहा हैं। इन्हें कांग्रेस का इतिहास तक पता नहीं वे कांग्रेस की भले की क्या बात करेंगे। पंडित भंवरलाल शर्मा के बारे में पूछे जाने पर कहा कि वे हमारे साथ ही हैं। सरकार हमने बचाई है उनका कोई योगदान नहीं जो बाहर से आए हैं।
बसपा से आए लोग क्या हमें अनुशासन का पाठ पढ़ाएंगे
पायलट समर्थक दूसरे विधायक मुकेश भाकर ने कहा कि जो कल भाजपा या बसपा से आए लोग हमें क्या अनुशासन का पाठ पढ़ाएंगे। उन्होंने बसपा विधायक संदीप यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि वे भाजपा सरकार में राज्य मंत्री का पद लिए हुए थे। बसपा में आकर चुनाव लड़े वे हमे खुद्दारी बता रहे हैं। ये वे लोग है जिनको सत्ता में रहने की आदत है। हम तो पद छोड़कर बैठे हैं। हमें कोई मंत्री पद का लालच नहीं।
पायलट सर्वहारा वर्ग के नेता
उन्होंने पायलट को सर्वहारा वर्ग का नेता बताया। ये लोग तो सोनिया गांधी की ओर से बनाई कमेटी पर ही सवाल उठा रहे हैं। जब उनसे पूछा गया कि पायलट की आलाकमान से क्या बात हुई तो भाकर ने कहा कि सभी बातें मीडिया में नहीं हो सकती, लेकिन पायलट साब आलाकमान के टच में हैं। वे ही बता पाएंगे कि क्या बात हुई हैं। अधिकारियों के बारे में कहा कि अधिकारी काम नहीं कर रहे है। खुला भ्रष्टाचार हो रहा है ऊपर भी शिकायत नहीं सुनी जा रही।
गौरतलब है कि पायलट समर्थक वेद प्रकाश सोलंकी, हेमाराम चौधरी, बृजेन्द्र ओला,हरीश मीणा व रामनिवास गावडिय़ा के बाद आज राकेश पारीक ने मोर्चा खोला। पारीक अजमेर जिले के मसूदा क्षेत्र से विधायक है और पायलट ने ही उन्हें टिकट देकर गुर्जर बाहल्य क्षेत्र से विधानसभा में भेजा हैं। पारीक को खास सिपहसलारों में गिना जाता हैं।
