जयपुर। पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कार्यकर्ताओं के सम्मान का मुद्दा फिर उठाते हुए सत्ता में भागीदारी की अपनी मांग को फिर से प्रदेश की समक्ष रखने की कोशिश की और कहा कि संघर्ष और मेहनत करने वाले कार्यकर्ताओं को रिवॉर्ड मिलना ही चाहिए। ये बात मैंने पहले भी कही थी। आलाकमान के समक्ष भी हमने अपनी बात रखी थीं।पायलट ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का नाम लिए बिना तंज कसा। हम लोगों ने जो मुद्दे उठाए उसे आप सब जानते हो, राजस्थान में जब कांग्रेस की सरकार बनी है तो उसके बाद हम उसे बरकरार नहीं रख पाए। यह नेताओं की कलेक्टिव रिस्पांसिबिलिटी होती है। हम दोबारा चुनाव जीते हैं, पिछली बार हम 21 पर रह गए, उससे पहले 50 पर आ गए थे। उस पर समय रहते फैसला हो जाना चाहिए। पायलट के इस ताजा बयान को देख लगता है कि पंजाब के बाद राजस्थान में भी राजनैतिक हलचल तेज होगी।
प्रेस कांफ्रेंस तो पेगासस पर बुलाई,राजनैतिक मुद्दे हावी हो गए
पायलट ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि इसके पीछे पार्टी के जनाधार को व्यापक बनाने का सोच है। कार्यकर्ताओं की बात मैं ही नहीं कह रहा। हमारे वर्तमान अध्यक्ष भी कार्यकर्ताओं की बात करते हैं। उन्होंने कहा कि यहीं बात हमने आलाकमान के सामने रखी थी उसका हमें अधिकार हैं। प्रेस कांफ्रेंस तो पेगासस मसले पर बुलाई थी,लेकिन मुद्दे राजनैतिक हावी हो गए। प्रेस कांफ्रेंस के दौरान पायलट समर्थक विधायक वेद प्रकाश सोलंकी भी नज़र आए।
पायलट- पंजाब और राजस्थान को लेकर बोले कि राजस्थान के संदर्भ में हमने जो भी डिस्कशन किए थे। वह विस्तार से इसलिए किए थे ताकि सरकार और संगठन को बेहतर करने के लिए जो कदम उठाए जा सके। उन्होंने कहा कि हम केंद्रीय नेतृत्व के साथ में है बहुत जल्द AICC आवश्यक कदम उठाएगी। उन्होंने पंजाब का जिक्र करते हुए कहा कि मैंने 21 साल में देखा है कि कांग्रेस की जो लीडरशिप निर्णय लेती है उसे स्वीकार किया जाता है। कांग्रेस में सदियों पुरानी परंपरा है। जो समस्या होती है उसका निराकरण होता है उन्होंने कहा कि हमने तो अगली बार हमें और भी ज्यादा आशीर्वाद लोगों को मिले,इसीलिए आलाकमान के समक्ष अपने सुझाव सामने रखे थे।
कांग्रेस ही बीजेपी को हरा सकती है
पायलट ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर BJP को कोई चुनौती दे सकता है और हरा सकता है तो कांग्रेस। कांग्रेस की देशभर में मौजूदगी है। आनेवाले समय में हम सब साथी दल मिलकर रणनीति बनाएंगे। पार्टी में चिंतन हो रहा है कि आने वाले 5 राज्यों में और भविष्य की चुनौतियों का सामना कैसे करेंगे।
पोस्ट भले ही ना मिले, मान सम्मान मिलना चाहिए
पूर्व उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हमें जो कहना था हमने कह दिया। AICC ने संज्ञान लिया। कमेटी बनी और कमेटी ने मीटिंग ली है। पूरा विश्वास है कि समय रहते सभी निर्णय होंगे। उन्होंने फिर कार्यकर्ताओं की बात को ही रिपिट करते हुए कहा कि जिन लोगों ने पार्टी के लिए जो कुछ निछावर किया।दिन रात मेहनत की,लाठी खाई उन लोगों को पोस्ट भले ही ना मिले,लेकिन मान सम्मान मिलना चाहिए।
पेगासस मामला
पेगासस मामले पर सचिन पायलट ने मीडिया से बात करते हुए कहा- लोग जानना चाहते हैं कि किस संस्था या व्यक्ति के माध्यम से अवैध तरीके से फोन हैकिंग किया गया और सूचनाएं बटोरी गईं। कांग्रेस इसे लेकर देशभर में आंदोलन करेगी। कुछ छुपाने को नहीं है तो सरकार को विश्वसनीयता स्थापित करने के लिए जांच करानी चाहिए। राफेल का जिक्र करते हुए पायलट ने कहा कि जब फ्रांस ने जांच बैठा दी तो यहां क्यों नहीं। कोरोना के दौरान ऑक्सीजन की कमी से हुई मौतों को जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि केन्द्र का कहना कि ऑक्सीजन की कमी से कोई मौत नहीं हुई ये बात किसी के गले नहीं उतरती। कितने लोगों ने दम तोड़ा था हम सभी ने देखा था। सरकार ने हाहाकार मचने पर क्या किया पूरी दुनिया ने देखा है।
कोरोना मौत पर ऑडिट हो
उन्होंने मांग की कि केंद्र सरकार को कोरोना मौत मामले पर एक ऑडिट करवाना चाहिए। पायलट बोले,जो लोग दुनिया में नहीं रहे उनकी मौत दु:खद है। ये बोल देना की मौत नहीं हुई ये तो मौतों के साथ मजाक है। कमी नहीं रही तो फिर स्वास्थ्य मंत्री को क्यों हटाया गया? इस मुद्दे को पोलिटिकल नहीं बनाना चाहता हूं पर सिर्फ घोषणाएं करने से कुछ नहीं होगा। भारत सरकार थर्ड वेव की व्यवस्था करे। वाइट पेपर जारी करे केंद्र सरकार ताकि दूसरी लहर वाली स्थिति रिपीट न हो।
