जयपुर। मुख्य सचेतक डॉ. महेश जोशी ने नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया पर पलटवार किया हैं और कहा, खुद नेता प्रतिपक्ष कटारिया ने हद पार कर दी कांग्रेसी नेताओं पर आरोप लगाकर। उन्होंने कहा कि जो प्रश्न केंद्र सरकार से करने चाहिए वो कटारिया राज्य सरकार से पूछ रहे हैं। केंद्र सरकार की कमियों पर लीपा पोती का काम कर रहे नेता प्रतिपक्ष कटारिया।
डॉ. जोशी ने कहा कि हालांकि कोरोना काल का ये समय राजनीति करने का नहीं हैं, लेकिन अपने बयानों से हद पार करने वाले नेता प्रतिपक्ष को जवाब देना जरूरी हो गया था। डॉ. जोशी ने प्रेस नोट जारी कर नेता प्रतिपक्ष कटारिया से 5 सवाल भी पूछे हैं।
डॉ. जोशी ने पूछा है कि
- क्या 45 वर्ष से कम आयु वर्ग के नौजवानो के टीके की क्या केन्द्र सरकार की जिम्मेदारी नहीं है? 18+ आयु वाले नौजवान वर्ग को उपेक्षित क्यों किया?
2. 45 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के वैक्सीन भेजकर उन्हें लगाने की जिम्मेदारी केन्द्र ने ना लेकर राज्यों को दी, इसलिए हमें गर्व है कि हम उस कार्य में देश में प्रथम रहे।
3. कटारिया बताये कि केन्द्र सरकार ने टीकों के लिए विलम्ब से तय की कीमतें किन कारणों से अलग-अलग और भेदभावपूर्ण तरीके से रखी। केन्द्र भी सरकार है राज्य सरकारें भी सरकारें हैं दोनों के द्वारा क्रय किए गए टीके जनता को नि:शुल्क लगेंगे फिर कीमतों में क्यों अंतर?
4. केन्द्र सरकार पूरे गैर जिम्मेदाराना तरीके से कार्य कर रही है, जिससे माहौल खराब हो रहा है। टीके की उपलब्धता में परेशानी हो रही है, जिसकी जिम्मेदारी केन्द्र सरकार की है।
5. डॉ. जोशी ने कहा कि ऑक्सीजन, कोरोना संबंधी इंजेक्शनों व टीकों की केन्द्रीकृत व्यवस्था जो केन्द्र सरकार के अधीन है, उसमें राजस्थान को जिस प्रकार कम मात्रा में दवाएं और ऑक्सीजन मिल रही हैं और उसका आवंटन गलत तरीके से कर राज्य को दूर दराज से ऑक्सीजन लेकर आने को मजबूर होना पड़ रहा है, उसके लिए क्या केन्द्र सरकार जिम्मेदार नहीं है?
