जयपुर। भाजपा प्रदेश संगठन के खिलाफ लगातार बयानबाजी करने वाले पूर्व मंत्री रोहिताश शर्मा ने भाजपा के मुख्य प्रवक्ता रामलाल शर्मा के बयान के उत्तर में जारी अपने वीडियो में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भी लपेट डाला और कहा कि मैं उस गुरु पं. नवलकिशोर शर्मा का चेला हूं जिन्होंने गुजरात के राज्यपाल रहते हुए गोदरा कांड में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को क्लीनचिट दिलवाई थी। पहले से पार्टी विरोधी बयानबाजी के कारण नोटिसकाल में चल रहे रोहिताश का प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ की ताजा टिप्पणी के बाद भाजपा से निकाला जाना लगभग तय हैं।
रोहिताश ने रामलाल को पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के खिलाफ षडय़ंत्र रचने वाला बताते हुए जारी वीडियो में हुए कहा कि आप राजनीति में अभी बच्चे हो मुझे रीति-नीति ना सिखाएं। उन्होंने आरोप लगाया कि जो व्यक्ति नेता प्रतिपक्ष के समय व अन्य समय वसुंधरा राजे के खिलाफ षडय़ंत्र में सबसे आगे था उस समय आपकी रीति नीति कहां गई थी। रोहिताश ने कहा, उन्हें तो स्व. भैरोंसिंह शेखावत भाजपा में लेकर आए थे और मैं उनके साथ इसलिए आया कि 1978 में इंदिरा गांधी की जयपुर यात्रा के समय शेखावत ने जो दरियादिली दिखाई और इंदिरा गांधी को गिरफ्तार करने के स्थान पर उन्हें सुरक्षा मुहैय्या करवाने तक की बात कहने वाले शेखावत के कारण ही भाजपा में आया।
पूर्व मंत्री ने गुजरात के राज्यपाल रहे स्व. नवलकिशोर शर्मा के कार्यकाल का हवाला देते हुए कहा कि मैं उस गुरु का चेला हूं जिन्होंने राज्यपाल रहते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को क्लीनचिट दी। रामलाल को चाटूखोर बताते हुए कहा कि तुम जैसों के कारण पार्टी गर्त में चली जाएगी। तुम ऐसे ही चमचागिरी करोगे तो पार्टी को डूबा दोगे। तुम्हारा कोई जनाधार नहीं है।
रामलाल के काउंटर में आया रोहिताश का यह बयान
रोहिताश का यह ताजा बयान भाजपा प्रवक्ता रामलाल शर्मा की ओर से भाजपा की रीति-नीति को नहीं जानने वाले रोहिताश को पार्टी से निकालने की मांग की थी। भाजपा एक अन्य प्रवक्ता लक्ष्मीकांत भारद्वाज ने भी रोहिताश शर्मा को भाजपा से निकालने की मांग उठाई हैं। ये दोनों ही भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनियां के नजदीकी लोगों में माने जाते हैं,जबकि रोहिताश वर्तमान में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे समर्थक हैं।
मोदी के खिलाफ बयानबाजी ने समर्थक नेताओं को भी संकट में डाला
रोहिताश शर्मा का पीएम मोदी तक को लपेटने वाले ताजा बयान को देखते हुए लगता है कि उनकी भाजपा से कभी भी विदाई हो सकती हैं। यानी भाजपा की प्रदेश राजनीति सीधी सड़कों पर आ सकती हैं, जबकि निम्बाराम प्रकरण व झालावाड़ में एक हरिजन युवक की पीट-पीटकर हुई हत्या के मामले में दोनों गुट एक नजर आए थे। मोदी के खिलाफ उनकी ताजा बयानबाजी ने समर्थक नेताओं को भी संकट में डाल दिया हैं। पीएम के मामले में वे भी खुलकर रोहिताश के पक्ष में नहीं आ सकते।
