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हेमाराम थोड़े नरम पड़े, कहा- इस्तीफे पर फैसला आलाकमान को करना है

hemaram

बाड़मेर। चार दिन पहले विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे प्रदेश की राजनीति में एकाएक राजनीतिक भूचाल लाने वाले गुढ़ामलानी के विधायक हेमाराम के स्वर थोड़े नरम पड़े है और लगता है कि फिलहाल वे अपने इस्तीफे को स्वीकार करने पर जोर नहीं देंगे। मीडिया से हेमाराम ने कल जो बातचीत की उससे भी कुछ ऐसे ही संकेत नजर आ रहे हैं।

यूं टर्न के पीछे की कहानी

माना जा रहा है कि सचिन पायलट नहीं चाहते थे कि कोविड के इस संक्रमण काल में ऐसी कोई घटना हो जिससे उनके खेमे पर अंगूली उठाने का किसी को मौका मिले। पायलट ने कल मीडिया से बातचीत करते हुए हेमाराम का समर्थन तो किया पर साथ ही कहा कि उनकी बात सुनी जानी चाहिए यानी उनका संकेत था कि उन्हें राजी किया जाना चाहिए। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और सचिन पायलट के बीच हुई वार्ता को भी हेमाराम के ताजा रूख में नरमी से जोड़कर देखा जा रहा है।

MLA Hemaram Chaudhary

आलाकमान का भी रहा हस्तक्षेप

जानकार सूत्रों का यह भी कहना है कि हेमाराम मामले में आलाकमान ने सचिन पायलट से सम्पर्क साधकर कहा बताया कि वे उन्हें समझाएं,क्योंकि कोविड के इस भयावह संक्रमण काल में ये उचित समय नहीं है। पायलट के रणनीतिकार भी कुछ समय और देना चाहते है ताकि कोई उनकी मांगों पर कोई अंगूली नहीं उठा सके।

हेमाराम ने नपे तुले शब्दों में अपना मुंह खोला

इस बीच इस्तीफे पर पहली बार विधायक हेमाराम ने कल मीडिया के सामने नपे तुले शब्दों में अपना मुंह खोला और बोले- मुझे कुछ पीड़ा हुई, इसलिए इस्तीफा दिया। प्रदेशाध्यक्ष ने इसे पारिवारिक मामला बताते हुए सुलझाने की बात कही है। प्रदेशाध्यक्ष परिवार के मुखिया हैं। अब सुलझाने का काम उनका हैं। जहां तक इस्तीफे की बात है उस पर जो भी करना है विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी और आलाकमान को करना हैं।

वैश्विक महामारी में लोगों की मदद पहली प्राथमिकता

उन्होंने कहा कि विधायक रहने में मुझे कुछ पीड़ा हुई थी, इस वजह से मैंने इस्तीफा भेजा था। उन्होंने कहा कि इस इस्तीफे से ज्यादा जरूरी वर्तमान में जो वैश्विक महामारी है। लोग मर रहे है ऐसी स्थिति मेरी प्राथमिकता इस महामारी से लोगों का सहयोग करने की है। इस कारण में अपने क्षेत्र के कोविड सेंटर गया।

कोरोना मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख की मांग

इस्तीफे के बीच विधायक हेमाराम चौधरी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को चिट्ठी भी लिखी। जिसमें कहा गया है कि कोरोना की दूसरी लहर में बहुत कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत हुई हैं। परिवार में जो कमाने वाले ने इनकी मृत्यु हो गई इससे आर्थिक रूप से भी मार झेल रहे हैं। डॉक्टरों ने इन मरीजों को बचाने के खूब प्रयास किये लेकिन इन मरीजों को बचा नहीं पाए। ऐसे मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए सहायता सरकार दे तो मृतक के परिजनों को संबल मिलेगा।

गौरतलब है कि गुढ़ामालानी विधायक हेमाराम चौधरी ने मंगलवार को विधायक पद से इस्तीफा विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी को भेज दिया था। इसके बाद राजस्थान की राजनीति में भूचाल आया हुआ था। यह सर्वविदित है कि हेमाराम पायलट गुट के है और असंतुष्ट गतिविधियों के समय मानेसर उनके कैम्प में ही थे। हेमाराम के बदले-बदले स्वरों को देखते हुए अब यह उम्मीद लगाई जा रही है कि राजनीतिक तूफान उठने से पहले ही फिलहाल शांत हो गया। हेमाराम ने अपने इस विधायक काल में दूसरी बार इस्तीफा दिया है।

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