जयपुर: आयुक्त से कथित हाथापाई मामले में जयपुर ग्रेटर मेयर सौम्या गुर्जर और तीन BJP पार्षदों के निलंबन के मुद्दे पर सियासी विवाद हो गया है। प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने पार्टी की मेयर और तीन पार्षदों के निलंबन के खिलाफ सभी शहरों में मंडल स्तर पर विरोध-प्रदर्शन की घोषणा की है।
भाजपा जयपुर शहर अध्यक्ष राघव शर्मा, महामंत्री कृष्णमोहन शर्मा व सरदार कुलवंत सिंह टीम सभी वार्डो में प्रदर्शन कि तैयारी में दिनभर जुटी रही। वार्डो में प्रदर्शन का जिम्मा वार्ड पार्षदों और मंडल इकाइयों ने संभाल रखा था। जयपुर में न्यू सांगानेर रोड पर वार्ड 50 के पार्षद पवन शर्मा नटराज अगुवाई कर रहे थे।
मेयर और पार्षदों के निलंबन के खिलाफ भाजपा के सभी खेमों के नेता एकजुट हो गए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया, उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़, विधायक अशोक लाहोटी सहित कई नेताओं ने मेयर-पार्षदों के निलंबन को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। राजधानी के वार्डों में बीजेपी ने आज विरोध प्रदर्शन किए। मेयर सौम्या गुर्जर ने जयपुर ग्रेटर नगर निगम के मुख्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया।

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष पूनिया ने कहा
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा- जयपुर ग्रेटर में कांग्रेस को हार का इतना मलाल था कि शुरू से ही षड़यंत्र रच रही थी। सरकार कभी बजट के मामले में तो कभी कमेटियों के मामले में भेदभाव कर रही थी। निलंबन की कार्यवाही तानाशाहीपूर्ण है, गहलोत सरकार हिटलरशाही पर उतर आई है।
कटारिया ने ट्वीट कर कहा कि गहलोत सरकार सत्ता के नशे में दिख रही है
सत्ता का दुरुपयोग कर लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है, सत्ता के नशे में दिख रही है कांग्रेस पार्टी, चुने हुए जनप्रतिनिधियों के साथ ऐसा बर्ताव जनादेश का अपमान,भाजपा कभी भी ये बर्दास्त नहीं करेगी इसका जोर शोर से विरोध किया जाएगा एक पक्ष को सुनकर कारवाही करना गलत हे ?
— Gulab Chand Kataria (@Gulab_kataria) June 7, 2021
