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स्मार्ट सिटी मिशन में टॉप पर उत्तर प्रदेश, इंदौर और सूरत ने भी मारी बाज़ी

नई दिल्ली: केंद्र सरकार के सबसे अहम प्रोजेक्ट में शामिल स्मार्ट सिटी मिशन के 6 साल पूरे होने पर शुक्रवार को इंडिया स्मार्ट सिटी कॉन्टेस्ट-2020 के नतीजे घोषित किए गए। केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने वर्चुअली हुए कार्यक्रम में सबसे बेहतर शहरों को अवॉर्ड दिए।

100 स्मार्ट सिटीज में ओवरऑल परफॉर्मेंस के मामले में सूरत और इंदौर ने बाजी मारी है। राज्यों में उत्तर प्रदेश ने पहला स्थान हासिल किया है। मध्य प्रदेश को पहला और तमिलनाडु को दूसरा रनर अप चुना गया है। 2019 में सूरत स्मार्ट सिटीज में इकलौता विजेता था। इस बार उसे यह अवॉर्ड इंदौर के साथ बांटना पड़ा है।

ऐसे टॉप पर पहुंचा यूपी

पूरे देश में स्मार्ट सिटी मिशन के तहत फिलहाल 100 स्मार्ट सिटी पर काम किया जा रहा है। सरकार का चार हजार स्मार्ट सिटी विकसित करने का लक्ष्य है। यूपी में बनारस, कानपुर, आगरा, लखनऊ सहित 10 स्मार्ट सिटी हैं। केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय के मुताबिक, यूपी सभी राज्यों में पहला स्थान इसलिए प्राप्त किया, क्योंकि प्रदेश ने 10 स्मार्ट सिटी के साथ-साथ सात और स्मार्ट सिटी विकसित करने का काम कर रहा है। बाकी किसी भी राज्य ने अभी तक यह काम शुरू किया है।

मंत्रालय ने बताया कि इन नये सात स्मार्ट सिटी नगर निगम में मेरठ, गाजियाबाद, अयोध्या, फिरोजाबाद, मथुरा, वृंदावन और शाहजहांपुर शामिल हैं। साथ ही यूपी के पहले से तय 10 स्मार्ट शहरों ने बेहतर काम किया है। साथ ही लखनऊ और गाजियाबाद ने पहली बार म्युनिसपल बॉन्ड जारी किए थे। इन वजहों से यूपी की रैंकिंग सबसे ऊपर मापी गई है।

इंदौर ने ऐसे हासिल किया मुकाम

इंदौर में 56 दुकानों की वजह से शहर में जाम लगा करता था। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत इसे 56 दिन में पूरा किया गया। पैदल चलने के लिए फुटपाथ बना और बाजार में अब छह हजार की बजाय 15 हजार लोग आने लगे जिससे रेवेन्यू बढ़ा। इंदौर ने इंटिग्रेटेड कंट्रोल सेंटर बनाया जिसका फायदा प्रॉपर्टी और वाटर कलेक्शन में मिला।  कोरोना काल में सीसीटीवी से पूरे शहर पर नजर रखने और ट्रैफिक मैनेजमेंट में मिल रहा है।

सूरत ने बनाई पहचान

सूरत स्मार्ट सिटी ने तो गंदे पानी को पीने लायक बनाकर उसे बेचा और रेवेन्यू हासिल की। रेवेन्यू आने से लोगों को टैक्स में फायदा दिया जा रहा है।

कोविड इनोवेशन कैटेगिरी में कल्याण और वाराणसी विजेता

मंत्रालय ने कोविड इनोवेशन कैटेगिरी के तहत भी जॉइंट विनर घोषित किए हैं। महाराष्ट्र के कल्याण-डोंबिवली और यूपी में वाराणसी ने यह पुरस्कार जीता है। मिनिस्ट्री के मुताबिक, मिशन के तहत आने वाले कुल 5,924 प्रस्तावित प्रोजेक्ट का खर्च 1.78 लाख करोड़ रुपए है। इनके लिए टेंडर हो चुके हैं। 5,236 प्रोजेक्ट के लिए वर्क ऑर्डर जारी किए गए हैं। 45,080 करोड़ रुपये के 2,665 प्रोजेक्ट पूरे हो चुके हैं और काम कर रहे हैं।

मिनिस्ट्री ने क्लाईमेट स्मार्ट सिटीज असेसमेंट फ्रेमवर्क (CSCAF) 2.0 पर एक रिपोर्ट लॉन्च की है। इसमें 126 शहरों ने हिस्सा लिया। 9 सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले शहरों को 4 स्टार रेटिंग दी गई है। इनमें सूरत, इंदौर, अहमदाबाद, पुणे, विजयवाड़ा, राजकोट, विशाखापत्तनम, पिंपरी-चिंचवाड़ और वडोदरा शामिल हैं। स्मार्ट सिटीज लीडरशिप अवॉर्ड के लिए अहमदाबाद, वाराणसी और रांची को चुना गया है।

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