नई दिल्ली: शिक्षा मंत्रालय ने गुरुवार को CBSE छात्रों के साथ एक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की। पीएम मोदी ने गुरुवार को शिक्षा मंत्रालय और सीबीएसई छात्रों व उनके अभिभावकों के बीच चल रहे वर्चुअल संवाद में अचानक हिस्सा लेकर सबको चौंका दिया। प्रधानमंत्री का बातचीत में शामिल होना पूर्व नियोजित नहीं था। संवाद में हिस्सा लेकर उन्होंने छात्रों और अभिभावकों से बातचीत की और उनकी चिंताओं को जानने की कोशिश की। इस दौरान उन्होंने छात्रों से मार्किंग करने के तरीके के बारे में भी पूछा। एक स्टूडेंट ने कहा कि मुझे पता था कि एग्जाम कैंसिल होने वाला है। तब मोदी ने पूछा कि आप एस्ट्रोलॉजी पढ़ते हैं क्या।
बातचीत के दौरान ज्यादातर छात्रों ने परीक्षा कैंसिल करने के फैसले को सही बताया। कर्नाटक से नंदन हेगड़े ने कहा कि ये परीक्षा मेरी जिंदगी की अंतिम परीक्षा नहीं है। आगे आने वाली परीक्षाओं का सामना करना है। इस पर मोदी ने कहा कि अब कई इवेंट आने वाले हैं। IPL देखेंगे या चैंपियंस लीग या ओलिंपिक का फाइनल देखेंगे। इसमें मन लगेगा आपका। नंदन ने कहा कि जरूर देखेंगे।
सीबीएसई 12वीं की परीक्षा रद्द होने के बाद से काफी छात्रों और उनके माता-पिता को आगे के भविष्य को लेकर चिंता सताने लगी है। दरअसल उच्च शिक्षा में प्रवेश व बहुत सी नौकरियों में 12वीं के मार्क्स चाहिए होते हैं। बहुत से छात्रों को विदेशी विश्वविद्यालयों में एडमिशन लेना है। अब छात्रों को यह प्रश्न परेशान कर रहा है कि सीबीएसई उन्हें किस आधार पर कितने नंबर देगा और प्रतियोगिता के माहौल में वह नंबर उनके लिए कितने कारगर साबित होंगे।
प्रधानमंत्री ने 1 जून को हुई एक हाईलेवल मीटिंग के बाद CBSE की 12वीं बोर्ड की परीक्षाएं रद्द करने की घोषणा की थी। इसके बाद राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, हरियाणा, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश ने भी अपने राज्य बोर्ड की परीक्षाएं रद्द कर दी हैं।
परीक्षा रद्द करने को लेकर ट्विटर पर कुछ लोगों की प्रतिक्रियाओं का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा
The teaching community has played an outstanding role in the last year. I would like to applaud all the teachers for supporting the students and ensuring that the education journey continues under the new normal. https://t.co/x4edQrUfbQ
— Narendra Modi (@narendramodi) June 2, 2021
बच्चों को PM मोदी के संदेश...
- भारत का युवा पॉजिटिव भी है और प्रैक्टिकल भी। निगेटिव थॉट्स की जगह आप मुश्किलों और चुनौतियों को अपनी ताकत बना लेते हैं। आपने जो इनोवेशंस किए और नई चीजें सीखीं, उसने आपके अंदर नया आत्मविश्वास दिया है।
- मैं तो अचानक आ गया। फिर भी आप एक भी बातचीत में लड़खड़ाए नहीं। आप जैसे अपने टीचर के साथ बात करते हैं, वैसे ही मुझसे बात कर रहे थे। यही अपनापन मेरे लिए खुशी की बात है। मेरे लिए ये अनुभव आनंददायक है। मैंने देश के कोने-कोने में बैठे बच्चे के साथ बड़ी ही सहजता से बात कर रहे हैं। ये बहुत अच्छा अनुभव है।
- कैसे हमारे समाज में हर किसी ने एक-दूसरे का हाथ थामा, टीम स्पिरिट से चुनौतियों का सामना किया। टीम वर्क के ये एक्सपीरियंस आपको भी नई ताकत देंगे। सबको लग रहा है कि आफत आई है, पर हम विजयी होकर निकलेंगे। हर भारतीय के मुंह से यही आवाज निकल रही है।
- पिछली 4-5 पीढ़ी में किसी ने न देखा और न सुना। हर हिंदुस्तानी कह रहा है कि हम इससे उबरेंगे और नई ऊर्जा से देश को आगे ले जाएंगे। मुझे भरोसा है कि आप आगे जहां भी जाएं, इसी तरह मिलकर आगे बढ़ते रहेंगे।
- 5 जून पर्यावरण दिवस है। इस पर पर्यावरण के लिए कुछ कीजिए। 21 जून अंतरराष्ट्रीय योगा दिवस है। योगा दिवस का दुनिया के सबसे ज्यादा देशों ने इसका समर्थन किया है। आप भी अपने परिवार में रहकर योग को जरूर अपनाइए। बहुत सारे मैच हैं, ओलिंपिक हैं। आप जानिए इन सब बारे में।
