नई दिल्ली। पाली सांसद एवं पूर्व केन्द्रीय राज्य मंत्री पीपी चौधरी ने, नई दिल्ली में बुधवार को वस्त्र आयुक्त निदेशक अजय पंडित के साथ आयोजित बैठक में केन्द्र सरकार की गत बजट घोषणा मित्रा योजना के तहत पाली जिले में मेगा टेक्सटाईल पार्क की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में पाली सांसद ने पार्क के लिए आवश्यक कपड़ा नगरी पाली की विशेषताओं को रखा। इनमें कपड़ा नगरी का इतिहास, जमीन, श्रमिकों एवं मूलभूत आवश्यकताओं की उपलब्धता, सड़क एवं रेल मार्ग कनेक्टिविटी, सीईटीपी प्लांट आदि के बारे में बताया तो निदेशक काफी संतुष्ट भी नजर आए। वहीं सांसद ने पाली के कपड़ा उद्यमियों से प्राप्त अनेक समस्याओं को भी निदेशक के समक्ष रखा, इस पर निदेशक जल्द निस्तारण का आश्वासन दिया।
बैठक के बाद सांसद चौधरी ने बताया कि मोदी सरकार द्वारा देश को आत्मनिर्भर बनाने की दशा में पिछले केंद्रीय बजट में देशभर में 7 मेगा टेक्सटाइल पार्क खोलने की घोषणा की है, जिनके स्थान अब तय किए जाएंगे। जो शहर इसके लिए जरूरी मापदंड पूर्ण करेगा, उन्हीं शहरों में अगले 3 सालों में 7 मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित किए जाएंगे। पूर्व में कुछ टेक्सटाइल पार्क स्थापित किए गए थे, लेकिन उनका दायरा छोटा था। मेगा टेक्सटाइल पार्क का दायरा बहुत बड़ा है। जिन शहरों में ये टेक्सटाइल पार्क खुलेंगे, वहां के उद्योगों का कायापलट हो जाएगी। रोजगार के नए और वृहद अवसर मिलेंगे।
लगातार सक्रिय है सांसदः केन्द्रीय बजट में घोषणा के बाद से पाली सांसद चौधरी लगातार रूप से कपड़ा नगरी पाली में मेगा टेक्सटाईल पार्क की स्थापना के लिए सक्रिय रहे हैं। पूर्व में प्रधानमंत्री, तत्कालीन केन्द्रीय कपड़ा मंत्री और राजस्थान के मुख्यमंत्री तक पत्र लिखने के साथ ही व्यक्तिगत रूप से भी अपना पक्ष रख चुके हैं। इसी कड़ी में बुधवार को दिल्ली में निदेशक के साथ यह बैठक आयोजित हुई। निदेशक द्वारा बताया गया कि देशभर में ये 7 मेगा टेक्सटाईल पार्क दो स्वरूप में स्थापित किए जाएंगे। एक है ग्रीन फील्ड जिसमे केंद्र सरकार 500 करोड़ रुपये विकास के लिए खर्च करेगी और दूसरा ब्राउन फील्ड, जिसके तहत 200 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही अतिरिक्त अंशदान के रूप में 300 करोड़ का प्रावधान तीसरे साल से किया जाएगा।
राज्य सरकार द्वारा मुख्य रूप से 1000 एकड़ भूमि के साथ अन्य कुछ आवश्यकताओं की पूर्ति की जाती है तो पाली में मेगा पार्क की स्थापना हो सकती है। निदेशक द्वारा बताई गई आवश्यकताओं के बाद सांसद चौधरी ने कहा कि पाली में बन रहे स्मार्ट सिटी इंडिस्ट्रीयल कॉरिडोर के तहत जमीन की तलाश पूरी होने की संभावना है। इस संबंध में जल्द ही पाली के उद्यमियों, अधिकारियों एवं राज्य सरकार संग बातचीत की जाएगी और जमीन के साथ ही अन्य मापदण्डों को पूर्ण करने की कोशिश की जाएगी।
