नई दिल्ली : इमरान खान सरकार के लिए बुरा वक्त शुरू हो चुका है और वो चंद दिनों की मेहमान है। यह दावा सरकार में शामिल पाकिस्तान मुस्लिम लीग- कायद (PML-Q) के चीफ चौधरी परवेज इलाही ने किया है। इलाही ने कहा- मैं मानता हूं कि यह सरकार 100% मुश्किल में है और अब इसे बचाना बहुत मुश्किल है। अगर प्रधानमंत्री खुद जाकर अपने सांसदों को मना लेते हैं तो शायद सरकार कुछ दिन और चल जाए, वरना इसका गिरना तय है।
पाकिस्तान में विपक्ष इमरान सरकार के खिलाफ नो कॉन्फिडेंस मोशन ला चुका है। इस पर 28 मार्च को वोटिंग होनी है। तमाम मीडिया में इस तरह की खबरें हैं कि इमरान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के करीब 18 से 20 सांसद अपनी ही सरकार के खिलाफ वोटिंग करने वाले हैं।
कहां फंसेंगे खान
‘द डॉन’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इमरान सरकार के पास फिलहाल 179 सांसदों का समर्थन है। बहुमत के लिए 172 सांसदों की जरूरत होती है। सहयोगी दलों के 7 सांसद इस सरकार को समर्थन दे रहे हैं। खबरों के मुताबिक, 18 से 20 सांसद ऐसे हैं जो विपक्ष के साथ जाने को तैयार बैठे हैं, क्योंकि उन्हें इमरान के साथ भविष्य नजर नहीं आता। अगर ऐसा होता है तो विपक्ष की कुल संख्या 200 के करीब हो जाएगी और सरकार के पास 160 से भी कम सांसद बचेंगे। ऐसे में सरकार का गिरना तय है।
