नई दिल्ली : सांसद सी.पी.जोशी ने गुरुवार को नई दिल्ली में केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत सें भेंट कर कहा कि चित्तौड़गढ़ की जनता को चम्बल का पानी उपलब्ध करवाये जाने की आवश्यकता है।
सांसद जोशी ने केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री शेखावत को बताया की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का संकल्प हैं की 2023 तक देश के प्रत्येक घर को नल से जोड़ना है। इसी के तहत संसदीय क्षेत्र चित्तौड़गढ़ के जिला चित्तौडगढ़, प्रतापगढ़ तथा उदयपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के तहत पेयजल एवं नल द्वारा पानी के लिये विभिन्न कार्यो की जलशक्ति मंत्रालय के द्वारा स्वीकृति की गयी इसके साथ संसदीय क्षेत्र की जिन जिन ग्राम पंचायतों में जल जीवन मिशन के लिये प्रस्ताव भेजे गये हैं तथा जहॉ पर पानी की समस्या को देखते हुये वहॉ पर जल जीवन मिशन के तहत पेयजल के लिये उन क्षेत्रों को वरियता के आधार पर चयनित कर जल शक्ति मंत्रालय के द्वारा वहॉ की पेयजल योजनाओं को स्वीकृत किये जाने की आवश्यकता है।
इसके साथ ही उन्होंने संसदीय क्षेत्र के विभिन्न स्थलों पर जल की समस्या के निवारण के लिये बताया कि उदयसागर झील से नहर द्वारा पानी लाकर बागोलिया तालाब को भरने की योजना है। इसके लिये सर्वे होकर डी.पी.आर भी बन चुकी है। इस योजना की स्वीकृति से मावली में पेयजल की समस्या का काफी समाधान हो सकेगा। इसकी प्रस्तावित लागत 57 करोड़ है।
इसी प्रकार वाजपेयी सरकार के समय निर्मित केन्द्र की बागेरी का नाका बांध योजना में वर्तमान में राजसमन्द जिले में करीब 70 किमी दूर तक के 207 गावों में पेयजल की आपूर्ति हो रही है। उन्होंने बताया कि मावली तहसील नाथद्वारा की उन पंचायतों से जुडी हैं जहॉ मात्र 2 या 3 किमी की पाईपलाईन के द्वारा बागेरी के पानी की आपूर्ति की जा रही है। बागेरी का नाका का कैचमेन्ट एरिया उदयपुर जिले में आता है इसके बावजूद भी उदयपुर जिले की मावली तहसील के लिये पीने के पानी की आपूर्ति नही हो पा रही है। यदि नाथद्वारा तहसील की सीमा से लगी पंचायतो में इस बागेरी का नाका के पानी की पेयजल आपूर्ति होती हैं तो इस क्षेत्र मे पेयजल की समस्या का समाधान हो सकता है। इसके साथ साथ नाथद्वारा के पास टाटोल बांध (नन्दसमन्द) , काक मादरडा व मांडक बांधों के पानी को नजदीक मावली तहसील तक पंहुचाया जा सकता है।
इसके अलावा प्रतापगढ़ जिले में स्थित जाखम बांध से प्रतापगढ़ जिले के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में जल आपूर्ति की जा सकती हैं क्योकी जाखम बांध के विशाल जल भराव क्षमता के कारण यहॉ के स्थानिय निवासियों के लिये पेजयल एवं सिचाई के लिये आसानी से जल को उपलब्ध करवाया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि चित्तौड़गढ़ संसदीय क्षेत्र में राजस्थान की सबसे बड़ी चम्बल नदी गुजरती हैं, लेकिन इस नदी के पानी का लाभ चित्तौड़गढ़ के वासियों को नही मिल पा रहा हैं ।चित्तौड़गढ़ की जनता को चम्बल का पानी उपलब्ध करवाये जाने की आवश्यकता है।इसी प्रकार चित्तौड़गढ़ जिले में बेड़च नदी पर बने घोसुन्डा बांध के पानी को चित्तौड़गढ़ वासियों के लिये पेयजल एंव सिचांई के लिये उपयोग में लिये जाने की आवश्यकता है।
