उदयपुर -डूंगरपुर- अहमदाबाद रेल मार्ग पर आज से डेमू ट्रेन

- डूंगरपुर को ब्रॉड गेज से जुड़ने में लग गया छह दशक से अधिक वक्त

@ नीति गोपेंद्र भट्ट

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उदयपुर -डूंगरपुर- अहमदाबाद रेल मार्ग पर आज से डेमू ट्रेन

नई दिल्ली: दक्षिणी राजस्थान के उदयपुर संभाग के आदिवासी बहुल वागड़ अंचल डूंगरपुर को रेल की मीटर गेज से ब्रॉड गेज में परिवर्तित होने में छह दशक से अधिक वक्त (61 वर्ष) लग गए हैं।
राजस्थान विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष डूंगरपुर महारावल लक्ष्मण सिंह के अनुज अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय के पूर्व अध्यक्ष डॉ नागेन्द्र सिंह की वजह से “जय जवान,और जय किसान” का नारा देने वाले देश के लोकप्रिय प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने साठ के दशक में ऐतिहासिक नगर डूंगरपुर की दो नदी के पास इन्द्रखेत में बतौर केंद्रीय रेल मंत्री की हैसियत से उदयपुर-डूंगरपुर- हिम्मतनगर-अहमदाबाद रेल लाईन की आधारशिला रखी थी और तात्कालिन रेल मंत्री जगजीवन राम ने जनवरी 1961 में यहाँ मीटर गेज लाईन का उद्घाटन किया था।

डूंगरपुर को मीटर गेज से ब्रॉड गेज लाईन में बदलने में बाँसवाड़ा डूंगरपुर के तत्कालीन सांसद ताराचन्द भगोरा,वर्तमान सांसद कनकमल कटारा ,राज्यसभा सांसद हर्ष वर्धन सिंह डूंगरपुर और उदयपुर सांसद अर्जुन लाल मीणा राजसमन्द की पूर्व सांसद दिवंगत किरण माहेश्वरी और स्थानीय संगठनों आदि का लगातार प्रयास आज मूर्त रुप ले रहा हैं। वहीं डूंगरपुर – बाँसवाड़ा- रतलाम बड़ी लाईन का सपना अभी भी हक़ीक़त की ज़मीन पर नही उतर पाया है। राजस्थान में बाँसवाड़ा एक मात्र ऐसा ज़िला है जिसके किसी कौने से आज़ादी के 75 वर्षों के बाद भी रेल नहीं गुजरती है ।

उदयपुर-अहमदाबाद वाया हिम्मतनगर -डूंगरपुर आमान परिवर्तन के अधूरे कार्य के मध्य अब 61 वर्ष बाद आज 15 जनवरी को डूंगरपुर वासियों को डूंगरपुर से असारवा-हिम्मतनगर-अहमदाबाद डेमू स्पेशल ट्रेन का तोहफा मिलने जा रहा है। इसका उद्घाटन डूंगरपुर उदयपुर के स्थानीय सांसदों और रेल अधिकारियों द्वारा किया जाएगा। उद्घाटन के दिन रेल गाड़ी संख्या 09544 डूंगरपुर से दोपहर में 2.20 बजे रवाना होकर शाम को 7.00 बजे असारवा स्टेशन पहुचेगी।

17 जनवरी 2022 से यह डेमू स्पेशल

ट्रेन संख्या  09543 असारवा-डूंगरपुर प्रतिदिन सुबह 10:00 बजे चलकर उसी दिन अपरांह 14:30 बजे डूंगरपुर पहुंचेगी और वापसी में ट्रेन संख्या 09544 डूंगरपुर-असारवा रेल बन डूंगरपुर से अपरांह 14:50 बजे चलकर 19:15 बजे असारवा पहुंचेगी।

मार्ग में दोनों दिशाओं में यह ट्रेन सहिजपुर,सरदार ग्राम, नरोड़ा, मेदरा, दभोडा, नांदोल दहेगाम, जलियां मठ, रखियाल, खैरोल, तलोद, खारी अमरपुर, प्रांतिज, सोनासण, हापा रोड, हिम्मतनगर, वीरावाड़ा, रायगढ़, सुनाक, शामलाजी रोड, लसाडिया, जगबोर, बिछीवाड़ा, श्री भावनाथ, शालशाह थाना स्टेशनों पर रुकेगी। इस ट्रेन के सभी कोच अनारक्षित रहेंगे। यें डेमू ट्रेन रविवार को नहीं चलेंगी।

इस तरह भारतीय रेलवे ने राजस्थान और गुजरात राज्यों को यह बड़ी सौगात मकर सक्रांति पर दी है। रेलवे दोनों राज्यों के मध्य यह ट्रेन सप्ताह में रविवार को छोड़कर छह दिन संचालित करेंगी। उसके बाद रविवार को छोड़कर इस ट्रेन का नियमित संचालन 17 जनवरी से नियमित रुप से किया जायेगा। इससे अब राजस्थान और गुजरात के सीमावर्ती इलाकों के आदिवासी अंचल के लोगों व्यापारियों उद्योग जगत और अन्य कारोबारियों को काफी राहत मिलेगी।

दरअसल डेमू रेल वहाँ चलाई जाती है जहाँ रेलवे के पास इलैक्ट्रिफिकेशन की सुविधा नहीं है वहाँ उपनगरीय पैसिंजर ट्रेन चलाने के लिये रैक के मध्य में इनबिल्ट डीजल इंजन होता है और दोनों ओर लोको पायलट की केबिन होती है। डीजल एंजिन भी एक तरह का विद्युत एंजिन ही है। वह डीजल जनरेटर से अपनी बिजली प्राप्त करता है। इसलिए इन ट्रेनों को डेमू कहते हैं।

उल्लेखनीय है कि उदयपुर-अहमदाबाद रेलवे आमान परिवर्तन का कार्य लंबे समय से चल रहा है और डूंगरपुर से हिम्मतनगर तक पूरा हो चुका है।उदयपुर से डूंगरपुर के बीच अभी कार्य पूरा होना बाकी है। अगले कुछ महीनों में इस कार्य को भी पूरा करने का दावा किया जा रहा है।इसी बीच रेलवे ने इस ब्रॉडगेज रेलवे लाइन पर डूंगरपुर स्टेशन तक ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है.

रेल प्रशासन ने आमजन से की अपील

रेल प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे 15 जनवरी एवं इसके बाद आमान परिवर्तित रेल मार्ग डूंगरपुर-हिम्मतनगर रेलखंड के रेलवे ट्रैक के पास न जाए। विशेष रूप से इस नए रेल मार्ग के समीप व आस पास रहने वाले लोग सावधानी बरतें और इस रेल मार्ग को अनाधिकृत रूप से पार न करें।यहां उपलब्ध समपार फाटक, रेल अंडर ब्रिज अथवा ओवर ब्रिज का ही उपयोग करें,क्योंकि अब इस रेल मार्ग पर नियमित रूप से तीव्र गति से रेल यातायात का संचालन किया जायेगा।

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